भारत में ईरान युद्ध का असर: पूरे देश में LPG सप्लाई घटी, सरकार ने लागू किया ESMA; पहले इन लोगों को मिलेगा सिलेंडर

LPG Supply Shortage India: ईरान में जारी युद्ध के कारण देश में एलपीजी गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है। स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने ESMA लागू करते हुए घरेलू गैस सिलेंडरों को प्राथमिकता देने और उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया है।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Mar 10, 2026, 12:41:40 PM

LPG Supply Shortage India

प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google

LPG Supply Shortage India: ईरान में जारी युद्ध का असर अब भारत में एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई पर भी पड़ने लगा है। देश में गैस की आपूर्ति में कमी की स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने मंगलवार को एस्मा (ESMA) लागू कर दिया है। 


सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि घरेलू गैस सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित न हो और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। सरकार ने रिफाइनरी कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि कॉमर्शियल सिलेंडरों की तुलना में घरेलू गैस सिलेंडरों की सप्लाई को प्राथमिकता दी जाए।


सरकारी आदेश के मुताबिक कुछ सेक्टरों को प्राथमिकता के आधार पर 100 प्रतिशत गैस सप्लाई जारी रहेगी और इनमें किसी तरह की कटौती नहीं की जाएगी। इन सेक्टरों में पीएनजी, सीएनजी, एलपीजी और अन्य पाइपलाइन सेवाएं शामिल हैं।


इसके अलावा फर्टिलाइजर प्लांट्स को उनकी सामान्य सप्लाई का 70 प्रतिशत हिस्सा देने का निर्देश दिया गया है। वहीं चाय उद्योग, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और अन्य औद्योगिक इकाइयों को उनके कोटे की करीब 80 प्रतिशत तक गैस सप्लाई जारी रखने के आदेश दिए गए हैं।


गैस वितरण कंपनियों को भी निर्देश दिया गया है कि वे कॉमर्शियल और इंडस्ट्रियल जरूरतों के लिए लगभग 80 प्रतिशत तक गैस सप्लाई बनाए रखें। साथ ही रिफाइनिंग कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने और गैस की आपूर्ति प्रणाली को सुचारू बनाए रखने को कहा गया है, ताकि उत्पादन से लेकर परिवहन तक किसी तरह की बाधा न आए।


इसी के साथ सरकार ने गैस सिलेंडर की बुकिंग को लेकर भी नई सीमा लागू कर दी है। अब एक सिलेंडर लेने के बाद अगले सिलेंडर की बुकिंग 25 दिनों के बाद ही की जा सकेगी। कुछ समय पहले यह सीमा हटा दी गई थी, लेकिन जमाखोरी और कालाबाजारी की आशंका को देखते हुए इसे फिर से लागू किया गया है।


सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य गैस की उपलब्धता को संतुलित रखना और अफवाहों या जमाखोरी से बाजार में कृत्रिम संकट पैदा होने से रोकना है। फिलहाल ईरान में जारी युद्ध के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। हालांकि अमेरिका का कहना है कि युद्ध अब अंतिम चरण में है और जल्द ही सप्लाई व्यवस्था सामान्य होने की उम्मीद है।