PMCH के 35 जूनियर डॉक्टरों पर क्यों हुआ केस? मंत्री के हस्तक्षेप के बाद FIR दर्ज

Bihar Crime News: पटना के PMCH में मरीज के परिजनों से कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले में 35 जूनियर डॉक्टरों पर FIR दर्ज हुई है। मंत्री संजय सिंह के हस्तक्षेप के बाद पुलिस जांच तेज हुई।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Mar 04, 2026, 12:27:06 PM

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Bihar Crime News: बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (PMCH) में मरीज के परिजनों से कथित मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। आरोप है कि जूनियर डॉक्टरों ने परिजनों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, मोबाइल फोन छीन लिया और नशे की हालत में बदसलूकी की। इस मामले में 35 अज्ञात जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ पीरबहोर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है।


बताया जाता है कि यह कार्रवाई मंत्री संजय सिंह के हस्तक्षेप के बाद हुई। मंत्री ने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी करने का निर्देश दिया है। पीड़ितों का आरोप है कि मारपीट में घायल होने के बावजूद उनका इलाज PMCH में नहीं किया गया, जिसके बाद उन्हें निजी अस्पताल में उपचार कराना पड़ा। 


शिकायत मिलने पर मंत्री संजय सिंह अस्पताल पहुंचे। घायलों ने बताया कि पहले सुरक्षा गार्ड और फिर डॉक्टरों ने उन्हें खदेड़कर पीटा। कई लोगों के सिर फट गए, किसी का हाथ टूट गया और कई के चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। मंत्री ने मौके से ही पुलिस अधिकारियों को फोन कर सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया। 


उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था चरमरा गई है और गंभीर घटना के बावजूद तत्काल कार्रवाई नहीं की गई। मंत्री ने पटना पुलिस को निर्देश दिया कि सीसीटीवी फुटेज खंगालकर सभी आरोपियों की पहचान की जाए और छापेमारी कर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।


मधुबनी निवासी राहुल मिश्रा ने बताया कि 2 मार्च को ट्रेन यात्रा के दौरान अथमलगोला के पास वह और उनका भाई सोनू घायल हो गए थे। बेहतर इलाज के लिए उन्हें बाढ़ अस्पताल से PMCH रेफर किया गया। 3 मार्च को सर्जरी विभाग में डॉक्टरों ने सीटी स्कैन बाहर से कराने को कहा। जब राहुल ने लिखित में देने की मांग की कि जांच अस्पताल में संभव नहीं है, तो कथित रूप से डॉक्टरों ने गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी।


राहुल का आरोप है कि जान बचाकर भागने के दौरान जूनियर डॉक्टरों और गार्डों ने उन्हें घेर लिया और बेरहमी से पीटा। उन्होंने यह भी दावा किया कि मारपीट करने वाले डॉक्टर नशे की हालत में थे और उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया। घायल होने के बावजूद उन्हें इंजरी रिपोर्ट देने से इनकार कर दिया गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और अगली कार्रवाई सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की जाएगी।