IRB जवान की रहस्यमयी मौत: नक्सलियों के बीच चल रहा था सर्च ऑपरेशन, पूरे गांव में मातम का माहौल

Bihar News: बेगूसराय के श्रीपुर पंचायत के 22 वर्षीय IRB जवान मुरारी कुमार झारखंड में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हो गए। उनकी शहादत से गांव में गमगीन माहौल है और लोग अपने वीर सपूत पर गर्व महसूस कर रहे हैं।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 08, 2026, 11:01:33 AM

IRB जवान की रहस्यमयी मौत: नक्सलियों के बीच चल रहा था सर्च ऑपरेशन, पूरे गांव में मातम का माहौल

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Bihar News: बिहार के बेगूसराय जिले के चेरिया बरियारपुर थाना क्षेत्र से दुखद खबर सामने आई है। श्रीपुर पंचायत निवासी और इंडियन रिजर्व बटालियन (IRB) के 22 वर्षीय जवान मुरारी कुमार का निधन हो गया।


मुरारी कुमार की पोस्टिंग इन दिनों झारखंड के गुमला क्षेत्र में थी, जहां सुरक्षा बल नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं। जानकारी के अनुसार, सर्च ऑपरेशन के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही हार्ट अटैक आने से उनका निधन हो गया।


मुरारी कुमार श्रीपुर पंचायत के उपमुखिया प्रदुमन चौधरी उर्फ बरे लाल के पुत्र थे। उनके निधन की खबर मिलते ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में शोक का माहौल फैल गया। परिवार गहरे सदमे में है, वहीं ग्रामीण भी अपने वीर सपूत को खोने से दुखी हैं।


परिवार की व्यथा

मृतक जवान की पत्नी नंदिनी देवी ने बताया कि घटना की पूरी जानकारी परिवार को अभी तक स्पष्ट रूप से नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि 2 मार्च को मुरारी से आखिरी बार फोन पर बात हुई थी, और 3 मार्च को उन्होंने सिर्फ बच्चों से बात की थी, तब उनकी तबीयत ठीक नहीं थी। इसके बाद संपर्क नहीं हो पाया।


भाई सत्यम चंद्र ने बताया कि पिछले तीन दिनों से मुरारी कुमार से बात नहीं हो पा रही थी। जब परिवार ने जानकारी ली, तो पता चला कि उन्हें इलाज के दौरान रास्ते में हार्ट अटैक आया और उनकी मृत्यु हो गई।


गांव में शोक और सम्मान

शनिवार देर रात मुरारी कुमार का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव श्रीपुर लाया गया। जैसे ही शव गांव पहुंचा, लोग बड़ी संख्या में सिउरी पुल के पास जुट गए। सैकड़ों लोग बाइक पर तिरंगा झंडा लेकर आए और “भारत माता की जय” के नारे लगाकर अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी।


गांव के लोग कहते हैं कि मुरारी कुमार ने देश की सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी शहादत से पूरा इलाका गर्व महसूस कर रहा है, और उनके परिवार के लिए यह एक अपूरणीय क्षति है।