Hindi News / india / दशहरा के दिन एक साथ 103 नक्सलियों ने किया सरेंडर, माओवादी संगठन को...

दशहरा के दिन एक साथ 103 नक्सलियों ने किया सरेंडर, माओवादी संगठन को बड़ा झटका

छत्तीसगढ़ पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। बीजापुर में 103 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें 49 इनामी थे जिन पर 1 करोड़ से अधिक का इनाम घोषित था। यह छत्तीसगढ़ के इतिहास का सबसे बड़ा सरेंडर है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Oct 02, 2025, 7:50:19 PM

CHATTISGADH

अमित शाह के दौरे से पहले बड़ी सफलता - फ़ोटो सोशल मीडिया

DESK: पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने के डर से एक साथ 103 नक्सलियों ने दशहरा के दिन सरेंडर कर दिया। इनमें 49 इनामी नक्सली भी शामिल हैं, जिनके ऊपर 1 करोड़ 7 लाख रुपये का इनाम सरकार ने घोषित कर रखा है। सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के मामले में कई वांटेट हैं। इतनी बड़ी तादाद में नक्सलियों के एसपी के समक्ष आत्मसमर्पण करने से माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है।


छत्तीसगढ़ पुलिस को नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता मिली है। बीजापुर जिले में 103 सक्रिय नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर सरेंडर कर दिया। इनमें से 49 नक्सलियों पर कुल 1 करोड़ 7 लाख रुपये का इनाम घोषित था। यह छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार है, जब इतनी बड़ी संख्या में माओवादी एक साथ आत्मसमर्पण कर रहे हैं।


अमित शाह के दौरे से पहले बड़ी सफलता

यह सरेंडर उस समय हुआ है जब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 4 अक्टूबर को बस्तर दौरे पर आने वाले हैं। दशहरे के दिन 103 नक्सलियों का आत्मसमर्पण नक्सली संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। सभी नक्सलियों ने बीजापुर एसपी कार्यालय में हथियार डालकर आत्मसमर्पण किया।


बीजापुर SP डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों में उच्च और मध्यम स्तर के कई पदाधिकारी शामिल हैं। इनमें डीव्हीसीएम-1, पीपीसीएम-4, एसीएम-4, प्लाटून पार्टी सदस्य-1, डीएकेएमएस अध्यक्ष-3, सीएनएम अध्यक्ष-4, केएएमएस अध्यक्ष-2, एरिया कमेटी पार्टी सदस्य-5, मिलिशिया कमांडर/डिप्टी कमांडर-5, जनताना सरकार अध्यक्ष-4, पीएलजीए सदस्य-1, सीएनएम सदस्य-12, जनताना सरकार उपाध्यक्ष-4, डीएकेएमएस उपाध्यक्ष-1, जनताना सरकार सदस्य-22, मिलिशिया प्लाटून सदस्य-23, जीपीसी-2, डीएकेएमएस सदस्य-4 और भूमकाल मिलिशिया सदस्य-1 शामिल हैं।


आत्मसमर्पण करने वाले 49 नक्सलियों पर 1 करोड़ 6 लाख रुपये का इनाम था। एसपी का कहना है कि यह सिर्फ़ सरेंडर नहीं बल्कि हिंसा और भ्रम की विचारधारा की हार है। सरेंडर करने वाले सभी नक्सलियों को राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत लाभ दिया जाएगा।


इससे पहले दंतेवाड़ा में 71 नक्सलियों ने किया था सरेंडर

24 सितंबर को दंतेवाड़ा जिले में भी 71 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था, जिनमें से 30 पर 64 लाख रुपये का इनाम था। वे सभी ‘लोन वर्राटू अभियान’ के तहत मुख्यधारा में लौटे थे। लगातार हो रहे आत्मसमर्पण से साफ है कि सुरक्षा बलों के दबाव में नक्सली संगठन बैकफुट पर है और उनका नेटवर्क कमजोर होता जा रहा है।