1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 26, 2026, 3:32:06 PM
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KYC For Social Media: भारत में डिजिटल दुनिया को सुरक्षित बनाने की दिशा में सरकार बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। आने वाले समय में सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग और डेटिंग ऐप्स का इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को KYC (Know Your Customer) प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है। यह प्रस्ताव एक संसदीय समिति की रिपोर्ट में सामने आया है, जिसका मुख्य उद्देश्य बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाना और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को अधिक सुरक्षित बनाना है।
समिति ने अपनी रिपोर्ट सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और गृह मंत्रालय को सौंपी है, जिसमें सुझाव दिया गया है कि जिस तरह बैंकिंग और सिम कार्ड के लिए KYC जरूरी होता है, उसी तरह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी यूजर्स की पहचान सुनिश्चित की जानी चाहिए। अगर यह नियम लागू होता है, तो हर यूजर को अकाउंट बनाने या लॉग इन करने से पहले अपनी पहचान सत्यापित करनी होगी।
इसका सीधा असर Facebook, Instagram, X (Twitter) जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म्स के साथ-साथ ऑनलाइन गेमिंग और डेटिंग ऐप्स पर भी पड़ेगा। यूजर्स को मोबाइल नंबर, आधार या अन्य पहचान पत्र के जरिए अपनी पहचान को प्रमाणित करना पड़ सकता है।
इस प्रस्ताव के पीछे सबसे बड़ी वजह फेक अकाउंट्स और उनसे होने वाले अपराध हैं। वर्तमान समय में कई लोग नकली प्रोफाइल बनाकर दूसरों को परेशान करते हैं, धोखाधड़ी करते हैं या किसी की निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करते हैं। साइबर स्टॉकिंग, ऑनलाइन बुलीइंग, फर्जी पहचान से ठगी और निजी तस्वीरों का दुरुपयोग जैसे मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इन अपराधों का सबसे ज्यादा असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ता है।
समिति का मानना है कि अगर हर यूजर की पहचान सत्यापित होगी, तो लोग गलत गतिविधियों में शामिल होने से पहले कई बार सोचेंगे। इससे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जवाबदेही बढ़ेगी और अपराधियों की पहचान करना भी आसान हो जाएगा।
रिपोर्ट में उम्र सत्यापन (Age Verification) को भी जरूरी बताया गया है। कई बार नाबालिग बच्चे ऐसे ऐप्स का इस्तेमाल करने लगते हैं, जो उनके लिए सुरक्षित नहीं होते। ऐसे में प्लेटफॉर्म्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि यूजर की उम्र सही है और समय-समय पर उसकी जांच भी की जाती रहे। खासकर डेटिंग और गेमिंग ऐप्स में यह नियम और सख्त हो सकता है।
इसके अलावा, प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि जो प्लेटफॉर्म इन नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। बार-बार नियम तोड़ने वाले अकाउंट्स की निगरानी बढ़ाई जाएगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें ब्लॉक भी किया जा सकता है।
हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर कुछ चिंताएं भी सामने आ रही हैं। कई लोग इसे प्राइवेसी से जोड़कर देख रहे हैं और उनका मानना है कि इससे यूजर्स की निजी जानकारी खतरे में पड़ सकती है। इसलिए सरकार को इस दिशा में संतुलन बनाते हुए ऐसे सिस्टम तैयार करने होंगे, जो सुरक्षा के साथ-साथ यूजर्स की गोपनीयता का भी ध्यान रखें।
फिलहाल यह प्रस्ताव शुरुआती चरण में है और इसे लागू करने से पहले व्यापक चर्चा और मंजूरी की जरूरत होगी। लेकिन अगर यह नियम लागू होता है, तो भारत में सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल पूरी तरह बदल सकता है, जहां हर यूजर की पहचान स्पष्ट होगी और डिजिटल दुनिया पहले से ज्यादा सुरक्षित बन सकती है।