1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 17, 2026, 9:07:35 PM
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DESK: अफगानिस्तान की राजधानी काबूल में एयरस्ट्राइक ने हालात को बेहद तनावपूर्ण बना दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, Pakistan की वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने शहर के कई इलाकों को निशाना बनाया, जिसमें एक अस्पताल भी शामिल बताया जा रहा है। न्यूज एजेंसी के हवाले से दावा किया गया है कि इस हमले में करीब 400 लोगों की मौत हुई है, जबकि 250 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
हमले के दौरान दारुलअमान, अरजान कीमत, खैरखाना और Kabul International Airport के आसपास सोमवार की देर शाम तेज धमाकों और गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं। Taliban सरकार के प्रवक्ता Zabihullah Mujahid ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना ने काबुल में एक नशा मुक्ति अस्पताल पर बमबारी की है। उन्होंने इस कार्रवाई को मानवता के खिलाफ अपराध बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की और कहा कि यह अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन है। वहीं दूसरी ओर, Pakistan के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif के प्रवक्ता Mosharraf Zaidi ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि किसी भी अस्पताल को निशाना नहीं बनाया गया।
अफगानिस्तान सरकार के डिप्टी प्रवक्ता Hamdullah Fitrat ने बताया कि हमला स्थानीय समयानुसार रात करीब 9 बजे हुआ। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस अस्पताल को निशाना बनाया गया वह लगभग 2000 बेड का था और हमले में उसे भारी नुकसान पहुंचा है। मौके पर पहुंची टीमों ने अस्पताल के कुछ हिस्सों में आग लगी हुई देखी, जबकि कई शव स्ट्रेचर पर बाहर निकाले जा रहे थे। अधिकारियों का कहना है कि मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण मृतकों का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
इस घटना की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। India ने हमले को ‘कायरतापूर्ण’ और ‘जनसंहार’ करार देते हुए इसकी कड़ी आलोचना की है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसे अमानवीय और अनैतिक बताया और कहा कि नागरिक इलाकों, खासकर अस्पताल जैसे स्थानों को निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है। अफगानिस्तान के प्रसिद्ध क्रिकेटर Rashid Khan ने भी इस हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि इन हमलों में कई निर्दोष नागरिकों की जान गई है और घरों, स्कूलों व अस्पतालों के आसपास हमले होना बेहद चिंताजनक है।
इस घटना के बाद लोगों ने United Nations और अन्य मानवाधिकार संगठनों से निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि जिम्मेदार लोगों को सजा मिल सके। भारत ने भी कहा है कि दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और इस कठिन समय में वह अफगानिस्तान के साथ खड़ा है।