1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 04, 2026, 5:10:00 PM
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PM Kisan Samman Nidhi: देश के छोटे और सीमांत किसानों के लिए केंद्र सरकार की योजनाएं अब सिर्फ खेती तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि बुढ़ापे की सुरक्षा का भी मजबूत सहारा बन रही हैं। अगर आप पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी हैं, तो आपके लिए एक और बड़ा मौका है। अब किसान सालाना 6,000 रुपये की सहायता के साथ 60 साल की उम्र के बाद हर महीने 3,000 रुपये पेंशन भी पा सकते हैं। खास बात यह है कि इसके लिए अलग से ज्यादा कागजी प्रक्रिया या अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाने की जरूरत नहीं है।
सम्मान निधि: खेती के लिए सीधी आर्थिक मदद
पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि तीन बराबर किस्तों में 2,000 रुपये प्रति किस्त सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है। हर चार महीने पर मिलने वाली यह मदद खेती से जुड़े खर्चों को संभालने में सहायक साबित होती है। बीज, खाद, सिंचाई या अन्य जरूरी जरूरतों के लिए यह रकम किसानों को राहत देती है।
अब जुड़िए पेंशन योजना से भी
अगर कोई किसान पहले से सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहा है, तो वह आसानी से प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना से भी जुड़ सकता है। यह योजना खास तौर पर छोटे और सीमांत किसानों के बुढ़ापे को सुरक्षित बनाने के लिए शुरू की गई है।
इस योजना में 18 से 40 वर्ष तक का कोई भी पात्र किसान पंजीकरण करा सकता है। इसमें उम्र के अनुसार हर महीने 55 रुपये से 200 रुपये तक अंशदान करना होता है। सबसे बड़ी राहत यह है कि अगर किसान पहले से पीएम किसान का लाभ ले रहा है, तो यह अंशदान उसी 6,000 रुपये की राशि में से समायोजित किया जा सकता है। यानी अलग से जेब से पैसा खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अधिकतम 2,400 रुपये सालाना अंशदान देने के बाद भी किसान के खाते में सम्मान निधि के 3,600 रुपये बचेंगे। इस तरह किसान को दोहरी सुविधा मिलती है तुरंत आर्थिक सहायता भी और भविष्य की पेंशन भी।
60 साल के बाद हर महीने 3,000 रुपये पेंशन
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना के तहत 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर किसान को हर महीने 3,000 रुपये पेंशन दी जाती है। यानी सालाना 36,000 रुपये की निश्चित आय। खास बात यह है कि 60 साल के बाद अंशदान देना बंद हो जाता है, लेकिन पेंशन जीवनभर मिलती रहती है।
अगर दोनों योजनाओं के लाभ को जोड़ें, तो किसान को सालाना 6,000 रुपये की सम्मान निधि और 36,000 रुपये की पेंशन मिलाकर कुल 42,000 रुपये तक का फायदा हो सकता है। यह व्यवस्था खेती की अनिश्चित आय के बीच आर्थिक सुरक्षा की एक मजबूत दीवार खड़ी करती है।
किसानों के लिए डबल सुरक्षा
केंद्र सरकार की यह कॉम्बो व्यवस्था किसानों के वर्तमान और भविष्य दोनों को सुरक्षित करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। एक ओर खेती के खर्च में मदद, तो दूसरी ओर बुढ़ापे में हर महीने निश्चित पेंशन। कम कागजी झंझट और आसान प्रक्रिया के कारण अधिक से अधिक किसान इस डबल लाभ का फायदा उठा सकते हैं।