1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 22, 2025, 10:54:35 AM
प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google
US Attacks Iran: ईरान और इजरायल के बीच चल रही जंग में अब अमेरिका की एंट्री ने मध्य पूर्व में तनाव को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि उनकी वायुसेना ने ईरान की तीन प्रमुख परमाणु साइट्स फोर्डो, नतांज और इस्फहान पर हमला किया है। ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी सेना ने इन साइट्स पर बहुत सफल हमला पूरा किया है, जिसमें फोर्डो पर बमों का पूरा पेलोड गिराया गया। उन्होंने कहा कि सभी लड़ाकू विमान अब ईरान के हवाई क्षेत्र से सुरक्षित बाहर हैं और अपने बेस की ओर लौट रहे हैं। एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, इस हमले में B-2 स्टील्थ बॉम्बर प्लेन का इस्तेमाल किया गया था जो बंकर बस्टर बमों से लैस थे।
ट्रंप ने इस बारे में आगे कहा कि हमलों के तुरंत बाद एक और पोस्ट में कहा कि यह संयुक्त राज्य अमेरिका, इजरायल और दुनिया के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने ईरान को चेतावनी दी कि उसे अब इस युद्ध को समाप्त करने के लिए सहमत होना चाहिए। एक इंटरव्यू में ट्रंप ने दावा किया कि यह हमला असाधारण रूप से सफल रहा है और उनके प्रतिभाशाली पायलटों ने तीनों साइट्स को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि फोर्डो खत्म हो चुका है और नतांज व इस्फहान भी अब नहीं बचे हैं। ट्रंप ने ईरान को तुरंत युद्ध रोकने की सलाह दी है वरना और बड़े हमले होंगे। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि इस ऑपरेशन में इजरायली सेना भी शामिल थी या नहीं।
ईरान ने भी इन हमलों की पुष्टि की है। एक ईरानी अधिकारी ने स्वीकार किया कि फोर्डो न्यूक्लियर साइट के एक हिस्से पर हवाई हमला हुआ है। इस्फहान के उप सुरक्षा गवर्नर अकबर सालेही ने बताया कि नतांज और इस्फहान के पास कई धमाके सुने गए हैं। ईरानी अधिकारी हसन अबेदिनी ने सरकारी टीवी पर दावा किया कि हमले से पहले तीनों साइट्स को खाली करा लिया गया था और सभी महत्वपूर्ण सामग्रियों को सुरक्षित स्थानांतरित कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि अगर ट्रंप का दावा सच भी है, तो ईरान को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। ईरान ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए जवाबी कार्रवाई की धमकी दे दी है।
अमेरिका की इस कार्रवाई के बाद ईरान ने कड़ा रुख अपना लिया है। ईरान ने धमकी दी है कि क्षेत्र में हर अमेरिकी नागरिक और सैनिक अब उसका निशाना है। यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिका सैन्य रूप से शामिल हुआ, तो वे लाल सागर में अमेरिकी जहाजों पर हमले फिर शुरू करेंगे। ईरान ने कहा कि वह मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर हमला कर सकता है, जहां अमेरिका के लगभग 40,000 सैनिक तैनात हैं और अब हाई अलर्ट पर हैं। इस हमले से मध्य पूर्व में संघर्ष और गहराने का खतरा बढ़ गया है।