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पवन सिंह-ज्योति सिंह तलाक केस: 10 करोड़ एलिमनी की मांग, अक्षरा सिंह बोलीं- 100 करोड़ भी कम

Pawan Singh Divorce Case: भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के तलाक मामले में 10 करोड़ रुपये भरण-पोषण की मांग की गई है। इस बीच अक्षरा सिंह ने ज्योति का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें एलिमनी मिलनी चाहिए।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Feb 15, 2026, 3:57:51 PM

Pawan Singh Divorce Case

- फ़ोटो Google

Pawan Singh Divorce Case: भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के पावरस्टार पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच चल रहे तलाक मामले ने नया मोड़ ले लिया है। 11 फरवरी को आरा सिविल कोर्ट स्थित फैमिली कोर्ट में पेश हुई ज्योति सिंह ने पति से 10 करोड़ रुपये भरण-पोषण (एलिमनी) की मांग की है। इस बीच भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह ने सार्वजनिक रूप से ज्योति का समर्थन किया है।


न्यूज एजेंसी से बातचीत में अक्षरा सिंह ने कहा कि अगर किसी पुरुष ने शादी की है तो पत्नी के प्रति उसका दायित्व बनता है। उन्होंने कहा कि एक महिला का अधिकार है कि वह अपनी एलिमनी ले। अक्षरा ने यह भी कहा कि ज्योति सिंह ने जो कुछ सहा है, उसके बाद 100 करोड़ रुपये भी कम पड़ जाएंगे। उनका मानना है कि ज्योति को भरण-पोषण मिलना चाहिए और समाज को भी इस दिशा में साथ देना चाहिए।


कोर्ट में ज्योति सिंह ने जज के सामने कहा कि शादी को सात साल हो चुके हैं, लेकिन उन्हें न तो पति का साथ मिला और न ही नियमित भरण-पोषण। उन्होंने आरोप लगाया कि वे हर तारीख पर खुद उपस्थित होती हैं, जबकि पवन सिंह अक्सर अनुपस्थित रहते हैं। कोर्ट परिसर में ज्योति ने कहा कि वह सुलह चाहती हैं, लेकिन यदि साथ नहीं रखना है तो 10 करोड़ रुपये मेंटेनेंस दिया जाए। यह कहते हुए वह भावुक होकर रो पड़ीं।


सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों को बुलाया गया था, लेकिन पवन सिंह कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। उनके वकील ने बताया कि उनका ब्लड प्रेशर बढ़ गया है और वे अस्पताल में भर्ती हैं। वीडियो कॉल के जरिए उन्हें अस्पताल के बेड पर दिखाया गया, हालांकि अस्पताल का नाम स्पष्ट नहीं किया गया। इस पर ज्योति पक्ष ने सवाल उठाए।


ज्योति सिंह के वकील विष्णुधर पांडेय ने कहा कि पिछले चार-पांच वर्षों से उनकी मुवक्किल को कोई नियमित भरण-पोषण नहीं मिला है और इंटरिम मेंटेनेंस की अर्जी भी लंबित है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पहले सुलह की संभावना पर विचार किया जाएगा, उसके बाद मेंटेनेंस और अन्य मांगों पर निर्णय लिया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 24 फरवरी को तय की गई है।