Hindi News / news / ADJ पर हुए हमले पर पटना हाईकोर्ट सख्त, मुख्य सचिव, DGP को नोटिस,...

ADJ पर हुए हमले पर पटना हाईकोर्ट सख्त, मुख्य सचिव, DGP को नोटिस, 29 नवम्बर को पेश होने का निर्देश

1st Bihar Published by: Updated Nov 18, 2021, 9:44:28 PM

ADJ पर हुए हमले पर पटना हाईकोर्ट सख्त, मुख्य सचिव, DGP को नोटिस, 29 नवम्बर को पेश होने का निर्देश

- फ़ोटो

PATNA: पटना हाईकोर्ट ने मधुबनी के एडीजे अविनाश कुमार-1 पर हुए हमले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य के मुख्य सचिव, राज्य के डीजीपी, गृह विभाग के प्रधान सचिव एवं मधुबनी के एसपी को नोटिस जारी किया है। जस्टिस राजन गुप्ता की डिवीजन बेंच ने इस मामले  को काफी गम्भीरता से लेते हुए अगली सुनवाई में राज्य के डीजीपी को कोर्ट में उपस्थित होकर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। इसके साथ- साथ कोर्ट ने डीजीपी को अपनी रिपोर्ट के साथ 29 नवंबर को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया है। बता दें की झंझारपुर थाने में थाना प्रभारी गोपाल कृष्ण और एसआई अभिमन्यू के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया गया है।


हाईकोर्ट मधुबनी के जिला जज से प्राप्त पत्रांक सं. 1993 पर स्वतः संज्ञान लेते हुए ये आदेश दिया। इस पत्र के अनुसार झंझारपुर के डिस्ट्रिक्ट जज ने हाईकोर्ट को घटना की जानकारी देते हुए यह जानकारी दी है कि घोघरडीहा के थानाध्यक्ष गोपाल कृष्णा एवं सब इंस्पेक्टर अभिमन्यु कुमार शर्मा ने 18 नवंबर,2021 को दोपहर 2 बजे झंझारपुर के एडीजे अविनाश कुमार-1 के चैम्बर में घुस गए।  उन पर पिस्तौल तान दी और मारपीट के साथ बदसलुकी की।


एडीजे अविनाश कुमार के साथ  मारपीट और दुर्व्यवहार पर झंझारपुर के वकीलों ने गहरा रोष जताया और कहा कि पहले अपराधियों से सुरक्षा की जरूरत होती थी। लेकिन अब पुलिस वालों से न्यायिक पदाधिकारी व वकीलों को सुरक्षा की आवश्यकता हो गई है। पटना हाईकोर्ट ने मामले की संवेदनशीलता और गम्भीरता को देखते हुए बिहार के डीजीपी को स्वयं कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। इस मामले की सुनवाई 29 नवंबर को होगी।


गौरतलब है कि मधुबनी जिले के झंझारपुर कोर्ट के एडीजे प्रथम अविनाश कुमार के चेंबर में घुसकर थानेदार और दारोगा द्वारा गुरुवार को मारपीट की गयी थी।  इस दौरान थानेदार और दरोगा जज के चेंबर में घुस गये थे। दोनों ने पिस्टल की नोंक पर जज के साथ मारपीट की। शोर-शराबा सुनकर कोर्ट के वकील जज साहब के चेंबर की ओर दौड़े तो उनकी जान बची। वकीलों ने थानेदार औऱ दरोगा को कोर्ट में ही बंधक बना लिया था। बता दें कि वर्दीधारियों की गुंडई के शिकार बने ये वही जज हैं जिन्होंने मधुबनी के एसपी सत्यप्रकाश को कानून की जानकारी न होने की कड़ी टिप्पणी करते हुए उन्हें ट्रेनिंग के लिए भेजने का आदेश दिया था। घटना की सूचना के बाद आईजी, डीएम और एसपी घटनास्थल पर पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी ली। जिसके बाद झंझारपुर थाने में थाना प्रभारी गोपाल कृष्ण और एसआई अभिमन्यू के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया गया।