1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 19, 2026, 10:42:32 AM
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BIHAR NEWS : जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस महत्वपूर्ण पद के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नाम लगभग तय माना जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, आज शाम 4 बजे दिल्ली स्थित जेडीयू के केंद्रीय कार्यालय में नीतीश कुमार अपना नामांकन दाखिल करेंगे। इस मौके पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और विभिन्न राज्यों से आए जेडीयू के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।
जानकारी के मुताबिक, नीतीश कुमार का नामांकन केवल बिहार के नेताओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अन्य राज्यों से आए जेडीयू नेताओं की ओर से भी प्रस्तावित किया जाएगा। इससे यह संकेत मिलता है कि पार्टी के भीतर उनके नेतृत्व को व्यापक समर्थन प्राप्त है। राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, मंत्री श्रवण कुमार समेत बिहार के कई प्रमुख नेता इस दौरान दिल्ली में उपस्थित रहेंगे और नामांकन प्रक्रिया में भाग लेंगे।
नामांकन प्रक्रिया जेडीयू के राष्ट्रीय चुनाव प्रभारी की देखरेख में पूरी की जाएगी। पार्टी ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए विस्तृत कार्यक्रम पहले ही जारी कर दिया है। इसके अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 22 मार्च निर्धारित की गई है। इसके बाद 23 मार्च को सभी उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी।
यदि कोई उम्मीदवार नामांकन वापस लेना चाहता है, तो उसे 24 मार्च तक का समय दिया जाएगा। हालांकि, पार्टी के अंदरूनी हालात को देखते हुए यह लगभग तय माना जा रहा है कि नीतीश कुमार के खिलाफ कोई अन्य उम्मीदवार मैदान में नहीं उतरेगा। ऐसे में उनका निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाना लगभग निश्चित माना जा रहा है।
फिर भी, यदि किसी कारणवश एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में रहते हैं, तो 27 मार्च को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए मतदान कराया जाएगा। लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में इसकी संभावना बेहद कम नजर आ रही है। पार्टी के अधिकांश नेताओं और कार्यकर्ताओं का झुकाव नीतीश कुमार के पक्ष में साफ तौर पर दिखाई दे रहा है।
नीतीश कुमार लंबे समय से जेडीयू के सबसे बड़े चेहरे रहे हैं और पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके नेतृत्व में पार्टी ने कई राजनीतिक उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन संगठन को मजबूत बनाए रखने में उन्होंने हमेशा सक्रिय भूमिका निभाई है। यही वजह है कि पार्टी के भीतर उन्हें लेकर कोई बड़ा विरोध सामने नहीं आता।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार का चुनाव औपचारिकता मात्र बनकर रह जाएगा। नीतीश कुमार का अनुभव, संगठन पर पकड़ और व्यापक स्वीकृति उन्हें इस पद के लिए सबसे मजबूत दावेदार बनाती है। ऐसे में उनका निर्विरोध चयन जेडीयू के भीतर एकजुटता का संकेत भी माना जाएगा।
कुल मिलाकर, जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद का यह चुनाव भले ही प्रक्रियात्मक रूप से कई चरणों में पूरा होगा, लेकिन परिणाम को लेकर तस्वीर पहले से ही साफ नजर आ रही है। अब सबकी नजरें आज होने वाले नामांकन पर टिकी हैं, जो इस पूरे चुनावी प्रक्रिया का सबसे अहम चरण माना जा रहा है।