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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा, मुंगेर को 70 से अधिक योजनाओं की मिली सौगात

CM Nitish Kumar: समृद्धि यात्रा के तहत मुंगेर पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 8718.51 लाख की 52 परियोजनाओं का उद्घाटन और 24 योजनाओं का शिलान्यास किया।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Mar 19, 2026, 12:15:01 PM

CM Nitish Kumar

- फ़ोटो Reporter

CM Nitish Kumar: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा के तहत गुरुवार को मुंगेर पहुंचे, जहां उन्होंने करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने कुल 8718.51 लाख रुपये की लागत से निर्मित 52 परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जबकि 24 नई योजनाओं का शिलान्यास भी किया।


सुबह 10:40 बजे मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से पोलो मैदान पहुंचे। उनके साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मुंगेर सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, मंत्री विजय चौधरी और जिला प्रभारी मंत्री संजय सिंह भी मौजूद रहे। पोलो मैदान में उतरने के बाद मुख्यमंत्री ने सबसे पहले संग्रहालय के समीप बने नए जिला उद्योग केंद्र का उद्घाटन किया। 


इसके बाद उन्होंने कष्टहरणी घाट पर गंगा पथ के एलाइन्मेंट का निरीक्षण किया। साथ ही दक्षिणी किला गेट के पास बने पंचायती राज सभागार और भगत सिंह चौक स्थित पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य विभाग के संयुक्त भवन का भी उद्घाटन किया।


इसके बाद मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से मुख्य कार्यक्रम स्थल सफियाबाद हवाई अड्डा मैदान पहुंचे, जहां उन्होंने जनता से संवाद किया और जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इन सभी योजनाओं से क्षेत्र के लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है और यह जिले के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।


मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारी की थी। जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर और एसपी सैयद इमरान मसूद ने कार्यक्रम स्थलों और मार्गों का निरीक्षण किया। कारकेड का रिहर्सल किया गया और सफियाबाद हवाई अड्डा मैदान में पानी के टैंकर, एम्बुलेंस और चिकित्सा टीम की व्यवस्था की गई।


इसके अलावा, मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर किला परिसर की सड़कों का चौड़ीकरण और कालीकरण किया गया। पोलो मैदान को थ्रीडी पेंटिंग से सजाया गया, जबकि संग्रहालय, सर्किट हाउस और कष्टहरणी घाट की दीवारों पर पौराणिक व ऐतिहासिक चित्र उकेरे गए। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के तहत 150 ड्रॉप गेट बनाए गए और सड़क किनारे बांस की घेराबंदी की गई।