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अगुवानी के बाद अब इस पुल के गिरने की संभावना, रेल मंत्री को लिखा गया लेटर; कहीं गई ये बातें

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 08, 2023, 10:19:02 AM

अगुवानी के बाद अब इस पुल के गिरने की संभावना, रेल मंत्री को लिखा गया लेटर; कहीं गई ये बातें

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ARA : बिहार के खगड़िया में रविवार के दिन बहुचर्चित पुल गिर गया। जिसके बाद विपक्षी दलों के तरफ से लगातार सवाल उठना शुरू हो गया। वही इस पुल के गिरने के बाद अब एक और पुल के गिरने को लेकर आशंका जताई गई है। इसको लेकर रेल मंत्री को लेटर लेकर लिखा गया। जिसमें 161 साल पुराना पुल कभी भी गिरने का अंदेशा जारी किया है।


दरसअल, पटना और भोजपुर को जोड़ने वाली 161 साल पुराने कोइलवर पुल की स्थिति भी जर्जर है। इसको लेकर स्थानीय स्कॉलर ने रेल मंत्री को चिट्ठी लिखी है। इसमें लिखा गया है कि - 161 साल पुराने इस लोहे के पुल को जल्द नहीं बनाया गया तो कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। शिकायतकर्ता ने यह आशंका जताई है कि सोन नदी में हो रहे बालू खनन की वजह से पुल के पिलर की स्थिति जर्जर हो चुकी है। यह रेलवे का मुख्य मार्ग है। कई दर्जन ट्रेनें इस रूट पर चलती है। लगातार जर्जर पुल की हालत खराब होती जा रही है। रेलवे यदि इसकी मरम्मती और नए पुल का निर्माण नहीं करवाती है तो कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।


बताया जा रहा है कि,इससे पहले 2015 मे जब सुरेश प्रभु रेल मंत्री थे तो चिट्ठी लिखी थी। इसके बाद उन्हें आश्वासन मिला था कि जल्द ही कोइलवर पुल की मरम्मती करा कर आपको सूचना दी जाएगी। लेकिन आठ साल बीतने के बाद भी कोई मरम्मती का काम नहीं हुआ है। महज लोहे के पुल की रंगाई-पुताई करके खानापूर्ति की गई है। जिसके बाद अब वापस से रेल मंत्री को लेटर लिखा गया है। 


आपको बताते चलें कि, पटना और आरा के बीच सोन नदी पर बना यह पुल अंग्रेजो द्वारा 1862 में बनाया गया था। कोइलवर के सोन नदी पर बना यह पुल हावड़ा-दिल्ली रूट का महत्वपूर्ण पुल है। हालांकि, पुल पर अब वाहनों के बढ़ते दबाव को देखते हुए इसके समानान्तर दूसरी सड़क पर पुल बनाकर इस पुल का लोड कम कर दिया गया है।