अपने गुरु के विचारों की धज्जियां उड़ा रहे हैं लालू-नीतीश-केजरीवाल, बोले विजय सिन्हा..भ्रष्टाचारियों को कर रहे एकजुट

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 22, 2023, 3:26:23 PM

अपने गुरु के विचारों की धज्जियां उड़ा रहे हैं लालू-नीतीश-केजरीवाल, बोले विजय सिन्हा..भ्रष्टाचारियों को कर रहे एकजुट

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PATNA: बिहार में अपराधियों का मनोबल सातवें आसमान पर हैं। यह हम नहीं कह रहे हैं बल्कि आए दिन हो रही आपराधिक वारदातों को देखकर यही लगता है। बिहार में हो रही आपराधिक वारदातों को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है। इसे लेकर बीजेपी नीतीश सरकार पर निशाना साध रही है। बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष व भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता विजय कुमार सिन्हा ने नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए कहा कि बिहार में अराजकता का माहौल बना हुआ है और नीतीश कुमार विपक्षी एकता की मजबूती को लेकर देश की यात्रा पर निकले हुए हैं। बिहार में जो माहौल बना हुआ है उसकी तनीक भी चिंता नीतीश कुमार को नहीं है। 


पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान बीजेपी नेता विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बिहार में अपराधी बेलगाम हो गये हैं। ऐसा कोई दिन नहीं होगा जिस दिन दर्जनभर लोगों को गोली नहीं मारी जाती होगी। अब तो हद हो गया है कि सिगरेट पीने के लिए 20 रूपये नहीं दिया तो गोली मार दी। शादी से पहले मेकअप के लिए ब्यूटी पार्लर गई दुल्हन को गोली मारी जाती  है। लूटपाट का विरोध करने पर ऑटो चालक को गोली मारी जाती है। इस तरह की वारदात से लोग भी परेशान हैं। वही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्षी एकता के नाम पर बिहार की बर्बादी की कहानी लिखने में लगे हैं। 


विजय सिन्हा ने आगे कहा कि अपने स्वार्थ और महत्वाकांक्षा के लिए बिहार को नीतीश कुमार बर्बाद कर रहे हैं। बिहार में सरकार चल नहीं रही है विकास थम सा गया है। प्रशासनिक अराजकता के कारण भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। बिहारियों को कलंकित और अपमानित कर रहे हैं। एक तरफ लोक नायक जयप्रकाश नारायण का शिष्य नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव दूसरी तरफ अन्ना हजारे के शिष्य अरविंद केजरीवाल दोनों अपने गुरु के विचारों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। बिहार को बर्बाद कर रहे हैं। 


बिहार को बर्बादी से बचाईए, चोर दरवाजा से जिसके साथ बैठते हैं या तो वो जनादेश दें नहीं तो इस्तीफा दे दें। एक जयप्रकाश का शिष्य हैं और दूसरा अन्ना हजारे के शिष्य हैं दोनों अपने स्वास्थ्य और अहंकार की पूर्ति के लिए उनके विचारों को कुचल रहे हैं। भष्टाचारियों की जमात खड़ा कर रहे हैं। अपने भष्टाचार को मुकाम पर पहुंचाने के लिए सत्ता हासिल करने के लिए विपक्षी एकता का नारा दे रहे हैं।