अपने ही अभिनंदन समारोह में ‘खिसिया’ गये ललन बाबू: मंच छोड़ कर नीचे जा बैठे

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 13, 2023, 5:42:44 PM

अपने ही अभिनंदन समारोह में ‘खिसिया’ गये ललन बाबू: मंच छोड़ कर नीचे जा बैठे

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DARBHANGA: JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह अपने ही अभिनंदन समारोह में खिसिया गये. यानि गर्म हो गये. खिसिया कर ललन बाबू मंच से उतर गये. कार्यक्रम छोड कर जा नहीं सकते थे. लिहाजा मंच से उतर कर नीचे बैठ गये और अपनी पार्टी के नेताओं को कहा कि आप लोग ही भाषण दीजिये, हम सुनेंगे.


दरभंगा में हुआ वाकया

दरअसल दरभंगा में आज जेडीयू का कार्यकर्ता सम्मेलन के साथ साथ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह का अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया था. तीन दिन पहले जेडीयू ने दरभंगा की मेयर अंजुम आरा को पार्टी में शामिल कराया था. अंजुम आरा के पति डब्बू खान इस कार्यक्रम के मुख्य आयोजक थे. ललन सिंह, बिहार सरकार के मंत्री संजय झा के साथ इस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे. वहां ऐसा वाकया हुआ कि ललन सिंह औऱ मंत्री संजय झा दोनों को मंच से नीचे उतर जाना पड़ा.


मंच पर मची भारी अफरातफरी

दरअसल जेडीयू के इस कार्यक्रम में पार्टी के तमाम नेता-कार्यकर्ता मंच पर ही जमा हो गये. ललन सिंह औऱ संजय झा जब कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे तो मंच पर भारी अफरातफरी का माहौल था. कुछ देर तक जेडीयू के नेताओं-कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश की गयी कि वे मंच से नीचे उतर जायें लेकिन कोई नीचे जाने को तैयार नहीं हुआ. हाल ये था कि माला पहनाने आये कई नेता धक्का-मुक्की में गिर पड़े. 


मंच पर अफऱातफरी का आलम से नाराज ललन सिंह नीचे उतर आये. उनके साथ मंत्री संजय झा भी नीचे उतर गये. वे मंच के नीचे लगे कुर्सी पर जा बैठे. ललन सिंह ने कहा कि वे कार्यकर्ताओं के बीच ही बैठेंगे औऱ नेताओं का भाषण सुनेंगे. इस बीच कुछ नेता नीचे बैठे ललन सिंह के पास आने लगे. ललन सिंह गुस्सा गये-अब तो नीचे बैठ गये हैं, आप यहां भी आ गये. 


अफरातफरी के बीच मंत्री संजय झा मंच पर पहुंचे और एलान किया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह भी पार्टी के कार्यकर्ता हैं. उन्होंने आज तय किया है कि वे कार्यकर्ताओं के बीच बैठ कर ही दरभंगा के नेताओं का भाषण सुनेंगे. इसलिए फूल-माला और स्वागत की औपचारिकतायें छोड़ कर भाषण का कार्यक्रम शुरू कराया जाये. स्थानीय नेताओं ने ललन सिंह को मनाने की भी कोशिश की लेकिन वे नहीं माने औऱ नीचे ही बैठे रहे.