1st Bihar Published by: Updated Nov 09, 2019, 3:44:35 PM
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PATNA : अयोध्या मसले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जदयू के अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के स्वागत करने के बाद उनके खास सिपाहसलार प्रशांत किशोर ने अलग लाइन ले लिया. प्रशांत किशोर ने न्याय की अदालत से उपर भी एक अदालत होने का ज्ञान दिया. सवाल ये उठ रहा है कि क्या प्रशांत किशोर ममता बनर्जी की भाषा बोल रहे हैं. प्रशांत किशोर के बयान के बाद जदयू के पूर्व प्रवक्ता डॉ अजय आलोक ने ट्वीटर पर उनकी क्लास लगा दी.
नीतीश से अलग प्रशांत किशोर का ज्ञान
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नीतीश कुमार ने इसका स्वागत करते हुए कहा कि सबों को इसका सम्मान करना चाहिये. उन्होंने सबों को इस फैसले पर कोई विवाद न खड़ा करने की नसीहत भी दी. लेकिन उनकी पार्टी के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने अलग ही ज्ञान दिया. प्रशांत किशोर ने महात्मा गांधी की उक्ति को ट्वीट करते हुए कहा कि न्याय की अदालत से बडी अंतरात्मा की अदालत है. अंतरात्मा की अदालत बाकी सभी अदालत से उपर है. प्रशांत किशोर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के स्वागत के बजाय कटाक्ष कर रहे थे. जाहिर है वे नीतीश कुमार की बात भी नकार गये.
अजय आलोक ने लगायी क्लास
प्रशांत किशोर के ट्वीट के बाद जदयू नेता अजय आलोक ने उनकी क्लास लगायी. अजय आलोक ने कहा कि जब खुद नीतीश कुमार ने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर ख़ुशी जताते हुए इसे सभी को अपनाने के लिए कहा हैं तो फिर ऐसे ज्ञान की क्या अहमियत हैं ? ट्वीटर पर लोगों ने प्रशांत किशोर के ट्वीट पर कई प्रतिक्रियायें दी है. कई लोगों ने कहा है कि प्रशांत किशोर ममता बनर्जी की भाषा बोल रहे है.