1st Bihar Published by: Jitendra Kumar Updated Jan 01, 2020, 7:41:54 PM
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BEGUSARAI : विदेशों में रहने वाले अधिकतर भारतीय बच्चे गौमांस का सेवन कर रहे हैं। इसकी मुख्य वजह यह है कि हमने अपने बच्चों को संस्कार नहीं दी है मिशन में पढ़ने वाले बच्चे कलेक्टर ,आईआईटियन और आईपीएस तो बन जाते हैं पर श्रवण कुमार नहीं बन पाते हैं। बाद में परिवार के अभिभावक को शिकायत होती है कि उनके बच्चे उनकी देखभाल नहीं कर रहे है। इसलिए स्कूलों में अब गीता के श्लोक का एक पाठ होना चाहिए। उक्त बातें भाजपा के फायरब्रांड नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भागवत कथा ज्ञान वाचन की शुरुआत के अवसर पर कहींं।
बेगूसराय के लोहिया नगर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमने अपने बच्चों को संस्कार नहीं दी है जिसकी वजह से हमारे बच्चे गौमांस खा रहे हैं । इस मौके पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि हमने 100 घरों के सर्वेक्षण में यह पाया है कि सिर्फ 15 घरों में हनुमान चालीसा और तीन घरों में गीता और रामायण की किताब मिली। इसलिए हम बच्चों का दोष नहीं दे सकते।
इस मौके पर गिरिराज सिंह ने कहा कि हमारे सनातन धर्म में कट्टरता का कोई भी स्थान नहीं है। इस मौके पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि भारत की संस्कृति बचाओ तभी भारत बचेगा। उन्होंने कहा पाकिस्तान की मंशा कभी पूरी नहीं होगी, लोगों को इसके लिए घबराने की जरूरत नहीं है ।