1st Bihar Published by: Updated Aug 05, 2022, 10:27:12 AM
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PATNA : बिहार में सरकारी शिक्षा व्यवस्था की हालत क्या है, इसकी पोल हेड मास्टर के लिए हुई परीक्षा के नतीजे के साथ खुल गई है. दरअसल बिहार के हाई स्कूलों में 6421 हेड मास्टर के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी. इसमें 13 हजार से ज्यादा शिक्षक शामिल हुए, लेकिन केवल 421 ही सफल हो पाए. शिक्षक अभ्यर्थी इस में हेडमास्टर के पदों पर नियुक्ति के लिए शामिल हुए थे, लेकिन 13055 शिक्षक अभ्यर्थियों में से 87 ने तो अपना ओएमआर शीट भी गलत तरीके से भर दिया. इसका नतीजा यह हुआ कि इनकी पात्रता ही रद्द कर दी गई.
ताजूब की बात यह है कि परीक्षा में केवल ऑब्जेक्टिव यानी वस्तुनिष्ठ सवाल ही किए गए थे. 31 मई को पटना के 25 परीक्षा केंद्रों पर इसका आयोजन किया गया था. इस परीक्षा में सोशल स्टडी के 100 प्रश्न, जिसके 100 मार्क्स थे. b.Ed कोर्स से संबंधित 50 प्रश्न जिसके 50 नंबर थे. हालांकि नेगेटिव मार्किंग भी थी. एक गलत जवाब देने पर 0.25 अंक काटने का प्रावधान किया गया था, लेकिन इससे परीक्षा में मास्टर साहब लोग बुरी तरीके से असफल रहे.
जो नतीजे आए उसके मुताबिक 415 सफल अभ्यर्थियों में से सामान्य वर्ग के 99 एससी कोटे के 21st के एक अत्यंत पिछड़ा वर्ग के 103 और पिछड़ा वर्ग के 140 उम्मीदवार सफल साबित हुए. सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों के लिए 40 फ़ीसदी पिछड़ा वर्ग के पुलिस अभ्यर्थियों के लिए 36.5 पीस दी और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के पुलिस पुरुष अभ्यर्थियों के लिए 34 फ़ीसदी के साथ-साथ sc-st महिला और दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए 32 फ़ीसदी न्यूनतम अंक हासिल करना अनिवार्य था.