1st Bihar Published by: Updated Apr 18, 2022, 7:23:26 AM
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PATNA : बिहार के सरकारी अधिकारियों और कर्मियों के लिए एक अच्छी खबर है। अब सरकारी कर्मियों और उनके आश्रितों का इलाज कराना आसान हो गया है। सरकारी सेवकों को अब 15 की जगह 23 रोगों के इलाज के पर खर्च की गई राशि की रिम्बर्समेंट की जा सकेगी। इस फैसले से राज्य के तकरीबन 4.5 लाख सरकारी अधिकारी और कर्मचारी और उनके आश्रितों को फायदा मिलेगा। नीतीश सरकार ने चिकित्सा व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए बहिर्वासी रोगों की सूची में 8 और रोग शामिल करने का फैसला लिया है। इसके संदर्भ में स्वास्थ्य विभाग के उप सचिव शैलेश कुमार ने आदेश जारी कर दिया है।
राज्य सरकार ने समिति से मिली अनुशंसा पर विचार के बाद पहले से शामिल 15 रोगों के अलावा और 8 रोगों को चिकित्सा व्यय के लिए प्रतिपूर्ति की सूची में शामिल करने का निर्णय लिया। इसमें रुमेटी गठिया, क्रोहन रोग, अतिगलग्रन्थिता, लाइकेन प्लानस, मस्तिष्क पक्षाघात, पार्किंसन रोग और पेल्विक इन्फ्लामेट्री रोग शामिल हैं। हालांकि सरकारी कर्मियों को पहले की तरह ही इलाज के लिए विभागीय स्तर से ही मंजूरी लेनी होगी। इसके बाद ही इलाज पर खर्च की गयी राशि की प्रतिपूर्ति की जा सकेगी।
नीतीश सरकार के इस फैसले को बेहद खास माना जा रहा है। अधिकारी और कर्मचारी वर्ग के बीच इस फैसले से खुशी की लहर है।