1st Bihar Published by: Updated Jun 13, 2020, 5:24:26 PM
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PATNA : बिहार विधानसभा का चुनाव काफी करीब आता चला रहा है लेकिन महागठबंधन की गांठ सुलझने का नाम नहीं ले रही है। कांग्रेस तेजस्वी यादव को सीएम कैंडिडेट मानने को तैयार नहीं है वहीं कॉर्डिनेशन कमिटी पर भी पार्टी की भौंहे तनी हुई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के बयान के बाद महागठबंधन की सियासत गरमा गयी है।
बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा ने एक बार फिर कहा है कि तेजस्वी यादव आरजेडी के सीएम कैंडिडेट हैं महागठबंधन के नहीं। उन्होनें कहा कि तेजस्वी यादव आरजेडी के नेता है हमारे नेताा सोनिया गांधी और राहुल गांधी हैं। अभी महागठबंधन के नेता कौन हो इसके लिए कोई बैठक नहीं है। जब सभी महागठबंधन के सभी दलों के नेता साथ मिलकर बैठेंगे तभी इस पर फैसला होगा। उन्होनें कहा कि खुद तेजस्वी यादव ने अपने मुंह से नहीं स्वीकार किया कि वे महागठबंधन के नेता हैं।
मदन मोहन झा ने पूर्व सीएम जीतन राम मांझी की को-आर्डिनेशन कमिटी की समर्थन करते हुए कहा कि ये इसका बनना जरूरी है। ये कमिटी अभी तक बन जानी चाहिए थी लेकिन इसका गठन अभी तक नहीं हो सका है। कोरोना महामारी को अब काफी समय बीत चुका है ऐसे वक्त में अब को-ऑर्डिनेशन कमिटी बनाने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
हालांकि इन सब के बीच मदन मोहन झा ने कहा कि महागठबंधन अटूट है। महागठबंधन के सभी पार्टियां एकजुट होकर एनडीए को परास्त करने का काम करेगी। इस बार बिहार की जनता ने मूड बना रखा है कि बिहार में महागठबंधन की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि अगर हिम्मत है तो बीजेपी अकेले चुनाव लड़ कर दिखाए।