1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 14, 2023, 8:33:33 AM
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PATNA : सहरसा के सोनबरसा से तीन बार के विधायक रत्नेश सदा को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अचानक फोन करके बुलाया है। उन्हें नीतीश कुमार (ने फोन किया और जल्द से जल्द पटना पहुंचने के लिए कह। नीतीश कुमार ने रत्नेश सदा को यह भी कहा कि अभी आप पटना में रहेंगे, कहीं जाएंगे नहीं। जिसके बाद से यह तय मना जा रहा है कि जेडीयू उन्हें संतोष सुमन के रिप्लेसमेंट के रूप में देख रही है। वहीं, अब खुद के मंत्री बनाए जाने के सवालों को लेकर रत्नेश सदा का बयान भी सामने आया है।
दरअसल, जेडीयू विधयाक से जब यह सवाल किया गया कि, आपको अचानक सीएम नीतीश कुमार का कॉल आता है और पटना बुलाया जाता है फिर आपकी उनसे सीएम आवास पर मुलाक़ात भी होती है। ऐसे में आपसे क्या बात हुई और क्या निर्देश दिया गया है। जिसके जवाब में उन्होंने कहा कि - जी हां यह बिल्कुल सत्य है कि मुझे सीएम नीतीश कुमार का कॉल आया था और उन्होंने मुझे पटना आने को कहा था। जिसके बाद हम उनसे जाकर सीएम आवास पर मुलाकात की है लेकिन यह महज एक शिष्टाचार मुलाकात था।
वहीं, उनसे जब यह सवाल किया गया कि, इस बात की चर्चा तेज है आपको मंत्री बनाया जा रहा है तो आप कैसे देख रहे हैं इस जिम्मेदारी को ? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि- समय आने पर मैं इस बारे में कुछ कहूंगा। फिलहाल मीडिया के जरिए ही मुझे यह जानकारी मिल रही है कि मुझे मंत्री बनाया जा रहा है। अगर यह बात सत्य होती है और मुझे जिम्मेवारी मिलती है तो उसे बखूबी निभाने का काम करूंगा। बिहार के विकास पर अपना ध्यान रखूंगा।
इसके बाद जब उनसे यह सवाल किया गया कि- बिहार के युवा लगातार लगातार रोजगार और सुविधा की बात करते हैं, उनको लेकर आपकी क्या पहल होगी तो इसके जवाब में उन्होंने कहा कि- जो हमसे संभव होगा वह पूरे बिहार के लोगों के लिए किया जाएगा फिलहाल मुझे कोई जिम्मेवारी मिलती है तभी इसके बारे में कुछ भी कहना उचित होगा। जब मुझे जिम्मेवारी मिलेगी तो न जवानों के लिए मुख्यमंत्री के सामने सवाल उठाएंगे और उनके लिए कार्य करेंगे।
जबकि, जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन के इस्तीफे के बाद महागठबंधन में रहने और ना रहने के फैसले पर जवाब देते हुए कहा कि वह तो अति महत्वकांक्षी लोग हैं। उनका कोई जनाधार भी नहीं है फिर भी लोकसभा में 5 सीट की मांग कर रहे हैं। उनको तो खुद शर्म महसूस होना चाहिए। इसके अलावा जितना मांझी के तरफ से अपने बेटे संतोष मांझी को मुख्यमंत्री बनाए जाने की बात करने को लेकर जवाब देते हुए जदयू विधायक रत्नेश सादा ने कहा कि =उनके बेटे के बराबर कोई बिहार का दूसरा मंत्री ऐसा तो नहीं है कि पढ़ा लिखा नहीं है। अगर वह सही में महादलित समाज के लोगों के रहनुमा होते तो अपने बेटे की बात नहीं करते। वह तुम अपने ही समाज के लोगों को लेकर डूब गए हैं।
इधर, अमित शाह के तरफ से बिहार में खेला करने की बात का जवाब देते हुए जदयू विधायक ने कहा कि वह पहले लोकसभा में जितना दावा कर रहे हैं उतना जीत कर दिखाएं इस बार उनको 4 सीट पर भी जीत मिल गई तो बहुत बड़ी बात होगी। इस बार भाजपा का हाल बहुत बुरा होने वाला है। बिहार में उनका जमानत जब्त होना तय है। यहां अमित शाह का कोई भी खेल नहीं चलने वाला है।