1st Bihar Published by: Dheeraj Kumar Updated Oct 27, 2024, 1:19:59 PM
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JAMUI: जमुई में प्रसव के लिए निजी अस्पताल में भर्ती हुई महिला की मौत पर परिजनों ने भारी बवाल किया। परिजनों का आरोप है कि इंजेक्शन लगाने के बाद महिला की तबीयत बिगड़ने लगी और उसकी जान चली गई। लोगों के गुस्से को देखते हुए संचालक और डॉक्टर के साथ अन्य स्वास्थ्यकर्मी अस्पताल छोड़कर फरार हो गए हैं।
दरअसल, झाझा नगर क्षेत्र के बजरंग चौक स्थित मां तारा क्लीनिक में देर रात प्रसव के लिए आई एक प्रसूता की मौत हो गई। मृतका की पहचान खैरा थाना क्षेत्र के झुण्डों गांव निवासी अनवर अंसारी की पत्नी शमीना खातून के रूप में हुई है। महिला अपने मायके सोनो थाना क्षेत्र के रक्तरोहनिया गांव से प्रसव के लिए झाझा पहुंची थी। जहां देर रात प्रसव के दौरान इंजेक्शन लगाने के बाद पीड़िता की तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।
मृतका की मां ने बताया कि वे लोग अपने गांव से अपनी बेटी का प्रसव के लिए रक्त रोहनिया गांव से झाझा पहुंचे थे, जहां किसी बिचौलिया ने बताया कि इस अस्पताल में अच्छा इलाज होता है और वे लोग उसके बहकावे में आ गए। अस्पताल संचालक के द्वारा मोटी रकम की डिमांड की गई लेकिन 27 हज़ार में फाइनल हो गया। उसके बाद इलाज शुरू की गई कुछ ही देर के बाद सभी डॉक्टर और स्टाफ अस्पताल छोड़कर फरार हो गए। किसी ने कुछ बताना भी मुनासिब नहीं समझा।
बताया जाता है कि जिलेभर में कुकुरमुत्ता की तरह निजी नर्सिंग होम खोला गया, जो कि बिना लाइसेंस और बिना डॉक्टर के ही संचालित किया जा रहा है। जिसमें लगातार मरीज की मौत हो रही है। घटना के बाद झाझा थाना की पुलिस को इसकी सूचना दी गई। मौके पर पहुंची झाझा थाना की पुलिस ने मरीज के परिजन को समझा बूझकर शांत कराया। झाझा थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि पीड़ित पक्ष की तरफ से किसी तरह का आवेदन नहीं दिया है, आवेदन मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।