बीजेपी ने फिर दिया चिराग पासवान को करारा झटका: मणिपुर में उनके इकलौते विधायक को पार्टी में शामिल कराया

1st Bihar Published by: Updated Nov 12, 2021, 4:07:24 PM

बीजेपी ने फिर दिया चिराग पासवान को करारा झटका: मणिपुर में उनके इकलौते विधायक को पार्टी में शामिल कराया

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PATNA : बीजेपी से मिल रहे ताबडतोड़ झटकों के बावजूद भाजपा प्रेम दिखाने में पीछे नहीं रहने वाले चिराग पासवान को फिर से करारा झटका लगा है. बीजेपी ने मणिपुर में चिराग पासवान की पार्टी लोजपा(रामविलास) के इकलौते विधायक को अपनी पार्टी में शामिल करा लिया है. इसके साथ ही चिराग पासवान अपनी पार्टी मे इकलौते सांसद या विधायक रह गये हैं. पूरे देश में उनकी पार्टी का कोई नुमाइंदा अब संसद या विधानसभा में नहीं है.


मणिपुर में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान की पार्टी लोजपा के टिकट पर करम श्याम  विधायक चुने गये थे. वे मणिपुर में लोजपा के इकलौते विधायक थे. लोजपा का जब बंटवारा हुआ तो करम श्याम चिराग पासवान के साथ रह गये. वे पारस गुट में नहीं गये थे. लेकिन मणिपुर में एकमात्र विधायक ने अब चिराग पासवान का साथ छोड़ दिया. बीजेपी ने उन्हें अपनी पार्टी में शामिल करा लिया है. मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह की मौजूदगी में करम श्याम भाजपा में शामिल हुए.


गौरतलब है मणिपुर में अगले साल विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं. वहां फिलहाल बीजेपी की सरकार है. चुनाव से पहले दूसरी पार्टियों के विधायक ताबडतोड़ गति से बीजेपी में शामिल हो रहे हैं. इससे पहले कांग्रेस के कई विधायकों ने पाला बदल कर बीजेपी ज्वाइन कर लिया था. अब चिराग के इकलौते विधायक भी गये. 


चिराग का ये हाल तब हो रहा है जब बीजेपी के लिए उनका प्यार कम नहीं हो रहा है. चिराग पासवान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर भाजपा के लिए इकतरफा प्यार जताने का कोई मौका नहीं छोडते. लेकिन बीजेपी उन्हें झटके पर झटके दिये जा रही है. पहले चिराग को एनडीए से बाहर किया गया. फिर उनकी पार्टी तोड दी गयी. बीजेपी ने लोजपा तोडने वाले पशुपति पारस को केंद्र सरकार में मंत्री भी बना दिया. 


उधर कुल मिलाकर चिराग पासवान पूरे देश में अपनी पार्टी के एकमात्र संसदीय प्रतिनिधि बन गये हैं. बिहार में पिछले चुनाव में उनकी पार्टी के एक विधायक राज कुमार सिंह जीते थे, वे जेडीयू में शामिल हो चुके हैं. उससे पहले लोजपा की विधान पार्षद नूतन सिंह बीजेपी में शामिल हो गयी थीं. पार्टी के 6 सांसद थे, जिनमें से 5 पशुपति पारस के साथ चले गये. पारस की पार्टी अब राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी बन गयी है. चिराग अपनी पार्टी लोजपा(रामविलास) में एकमात्र सांसद बच गये हैं.