1st Bihar Published by: Updated May 17, 2022, 8:15:03 AM
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DESK : चार धाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं पर मौसम की मार पड़ रही है. चारधाम यात्रा के दौरान 40 से ज्यादा श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है. केदारनाथ यात्रा के दौरान सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं ने अपनी जान गवाई है. केदारनाथ यात्रा के दौरान 15 यात्रियों की जान जा चुकी है, जबकि यमुनोत्री में 14 बद्रीनाथ में, 8 और गंगोत्री में, 4 श्रद्धालुओं की मौत हुई है. इन सब की मौत के पीछे मौसम बड़ी वजह बताया जा रहा है. दरअसल ऊंची चढ़ाई करने के दौरान हार्ट संबंधी परेशानी और ब्लड प्रेशर की वजह से इन श्रद्धालुओं की मौत हुई है.
उत्तराखंड में इस वक्त मौसम खराब है, और बारिश की वजह से बद्रीनाथ की यात्रा को रोक दिया गया था. सोमवार को इस यात्रा के रास्ते में कई जगह पर लैंडस्लाइड हुआ था. जिसकी वजह से सोमवार को यात्रा रोक दी गई. आज सुबह 6:00 बजे एक बार फिर से बद्रीनाथ की यात्रा शुरू की गई है. उधर केदारनाथ के रास्ते पर गौरीकुंड में भीषण जाम की वजह से यात्रा को रोकना पड़ा है. उत्तराखंड के कई इलाकों में लगातार बारिश हुई है. भारी बारिश की वजह से चमोली और उसके आसपास के इलाकों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है.
आपको बता दें कि चार धाम यात्रा पर इस साल श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है. लोग पहले दिन से रिकॉर्ड तादाद में भगवान के दर्शन करने पहुंच रहे हैं.बद्रीनाथ के कपाट खुलने के बाद 8 मई से 16 मई की शाम तक यहां लगभग 200000 श्रद्धालुओं ने दर्शन किया है. जबकि इसी दौरान केदारनाथ में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 213000 से ज्यादा रही है. भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और उत्तराखंड सरकार ने भी श्रद्धालुओं से संयम बरतने के लिए कहा है. बद्रीनाथ में हर दिन तकरीबन 16000, केदारनाथ में लगभग 13, गंगोत्री में 8000 और यमुनोत्री में 5000 श्रद्धालु दर्शन कर पाए. इसके लिए प्रशासन ने यात्रियों की संख्या को सीमित किया है.