1st Bihar Published by: First Bihar Updated Nov 02, 2024, 4:42:12 PM
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PATNA: आगामी पांच नवंबर से सूर्य उपासना का चार दिवसीय अनुष्ठान शुरू हो जाएगा। पटना में छठ महापर्व को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। छठ व्रतियों को किसी तरह की कोई दिक्कत न हो इसको लेकर जिला प्रशासन की टीम ने कमर कस लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर से खुद पटना के गंगा घाटों का निरीक्षण किया है और अधिकारियों को जरुरी निर्देश दिए हैं।
दरअसल, 5 नवंबर को नहाय-खाय के साथ ही छठ महापर्व की शुरूआत हो जाएगी। छठव्रती 6 नवंबर को खरना करेंगी जबकि 7 नवंबर को अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अर्ध्य देंगी वहीं 8 नवंबर को उदयगामी सूर्य को अर्ध्य देने के साथ ही चार दिवसीय छठ महापर्व का समापन हो जाएगा। ऐसे में छठव्रतियों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो इसको लेकर पटना जिला प्रशासन पूरी तरह से सजग है और गंगा घाटों पर जिला प्रशासन की तरफ से तमाम तरह की व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
जिला प्रशासन द्वारा की जा रही तैयारियों का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को गंगा घाटों पर पहुंचे और कैबिनेट के मंत्रियों और विभागीय अधिकारियों के साथ स्टीमर पर सवार होकर तमाम गंगा घाटों का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव और मंत्री विजय चौधरी के साथ साथ विभिन्न विभाग के अधिकारी और पटना डीएम चंद्रशेखर सिंह मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को सख्त निर्देश दिया है कि छठ महापर्व में किसी तरह की कोई कोताही नहीं होनी चाहिए और गंगा घाटों पर सुरक्षा के साथ साथ लाइटिंग, बैरिकेडिंग, गंगा में नाव के साथ साथ तमाम जरूरी व्यवस्था उपलब्ध होनी चाहिए। बता दें कि पटना के शहरी क्षेत्र में कुल 109 घाटों पर छठव्रति छठ पर्व कर सकेंगे। पटना के छठ घाटों को 19 सेक्टरों में बांटा गया है और हर सेक्टर में मजिस्ट्रेट की नियुक्त की गई है। जल्द ही पटना के खतरनाक घाटों की सूची जारी कर दी जाएगी।



