1st Bihar Published by: Updated Feb 22, 2020, 9:07:18 AM
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BHOPAL : मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने नसबंदी का लक्ष्य हासिल करने के लिए राज्य के हेल्थ वर्कर को टारगेट दे डाला। हेल्थ वर्कर को सरकार के तरफ से यह फरमान सुनाया गया कि सभी को कम से कम एक पुरुष की नसबंदी का लक्ष्य पूरा करना होगा। ऐसा नहीं करने वाले हेल्थ वर्कर को सरकार जबरन वीआरएस यानी अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे देगी। नसबंदी को लेकर कांग्रेस की मध्यप्रदेश सरकार इतनी सख्त नजर आ रही है कि उसने टारगेट हासिल नहीं करने वाले हेल्थ वर्कर पर नो पेन नो वर्क के आधार पर वेतन नहीं देने का आदेश दे डाला।
मध्य प्रदेश सरकार के नसबंदी वाले इस फरमान पर सियासत गरमा गई है। बीजेपी ने कमलनाथ सरकार के इस फैसले पर सख्त एतराज जताया है। बीजेपी नसबंदी को लेकर अब इमरजेंसी और संजय गांधी याद कांग्रेस को दिला रही है।
नसबंदी के आदेश को लेकर राजनीति गरमाने के बाद कमलनाथ सरकार आखिरकार बैकफुट पर आ गई है। सरकार स्वास्थ्य विभाग के इस नसबंदी वाले आदेश को फिलहाल वापस लेने का फैसला किया है। बीजेपी को कमलनाथ सरकार ने बैठे बिठाए एक मुद्दा दे दिया था।