1st Bihar Published by: Updated Apr 24, 2021, 6:55:04 AM
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DESK : देश के लोग एक तरफ कोरोना महामारी का सामना कर रहे हैं। अपनी जान बचाने की जुगत में लगे हैं तो वहीं दूसरी तरफ सरकार की नजर खाताधारकों को ब्याज से होने वाली आमदनी पर टिकी है। आयकर चोरी रोकने और रिटर्न प्रक्रिया आसान बनाने के लिए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने बैंकों-कंपनियों के लिए गाइडलाइन जारी किया है। इसके तहत बैंकों को 5000 रुपये से अधिक ब्याज आय वाले खाताधारकों की जानकारी आयकर विभाग को देना जरूरी होगा। कंपनियों को लाभांश की जानकारी भेजना होगा।
बैंकों को बचत खाता, आवर्ती खाता और सावधि जमा से होने वाली ब्याज आय की जानकारी आयकर विभाग को भेजनी होगी। बैंकों, डाकघर, कंपनियों आदि को ही आयकर विभाग तक जानकारी पहुंचानी होगी। पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि खाता, अनिवासी खाता आदि से होने वाली ब्याज आय की जानकारी को बाहर रखा गया है।
कंपनियों को सभी लाभांश की जानकारी आयकर विभाग को भेजना होगा। लाभांश की कोई सीमा तय नहीं की गई है। म्यूचुअल फंड निवेशकों पर भी यह निर्देश लागू होगा।