1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 03, 2023, 10:10:20 AM
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PATNA : देश में आगामी साल लोकसभा का चुनाव होना है। इस चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ दल के तरफ से नयी तरह की योजना बनाकर लोगों के बीच जाया जा रहा है। वहीं, दूसरी तरफ इस लोकसभा चुनाव को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्ष को एकजुट करने जुटे हुए हैं। यही वजह है कि अब बिहार के सीएम शुक्रवार को ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक से मुलाकात करने जा सकते हैं।
दरअसल, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब शुक्रवार यानि 5 मई को ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक से मुलाकात कर सकते हैं। इसके बाद वो झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन से भी मुलाकात कर सकते हैं। इससे पहले नीतीश कुमार में दिल्ली में तीन दलों के नेताओं से मुलाकात की थी। जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, दिल्ली के सीएम केजरीवाल और फिर वाम दलों के नेता सीताराम येचुरी और डी राजा से मुलाकात की थी। और 2024 की तैयारी के मद्देजनर रणनीति को पुख्ता किया था।
मालूम हो कि, सीएम नीतीश कुमार के झारखंड दौरे से पहले कल ही जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने रांची में झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन से मुलाकात की थी। और कई मुद्दों पर चर्चा की। वैसे जहां-जहां नीतीश जा रहे हैं, ललन सिंह भी उनके साथ रहते हैं। फिर चाहे नीतीश का दिल्ली दौरा रहा हो, या फिर बंगाल और यूपी दौरा। इसके साथ ही नीतीश कुमार के साथ तेजस्वी यादव भी दौरे पर साथ नजर आते हैं।
जानकारी हो कि, इससे पहले नीतीश कुमार में दिल्ली में तीन दलों के नेताओं से मुलाकात की थी। जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, दिल्ली के सीएम केजरीवाल और फिर वाम दलों के नेता सीताराम येचुरी और डी राजा से मुलाकात की थी। इसके बाद उन्होंने बंगाल के सीएम ममता बनर्जी और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव से मुलाक़ात की थी।
आपको बताते चलें कि, इससे पहले पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीएम नीतीश ने कहा था कि कर्नाटक चुनाव के बाद कभी भी विपक्षी दलों की बड़ी बैठक पटना में हो सकती है। क्योंकि ममता बनर्जी ने न ये अपील की थी, कि विपक्षी दलों की पहली बैठक वहीं हो जहां से जेपी का आंदोलन शुरु हुआ था। वहीं नीतीश ने भी इशारों-इशारों में पटना में बैठक पर सहमति जताई है। ऐसे में देखना होगा कि नीतीश कुमार जिस तरह विपक्षी दलों के नेताओं से मैराथन बैठक कर रहे हैं। इनका असर विपक्षी एकता पर कितना पड़ेगा।