1st Bihar Published by: Updated Wed, 11 Mar 2020 03:28:58 PM IST
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DELHI : दिल्ली हिंसा को लेकर लोकसभा में बात शुरू हो गई है। लोकसभा में कांग्रेस के सांसद अधीर रंजन चौधरी और बीजेपी की मीनाक्षी लेखी के तरफ से दिए गए प्रस्ताव पर बहस हो रही है। चर्चा की शुरुआत में कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने बीजेपी पर जोरदार हमला बोला है। अधीर रंजन चौधरी ने कहा है कि दिल्ली हिंसा के वक्त केंद्र सरकार और खास तौर पर बीजेपी के नेता कान में उंगली डालकर सोए रहे। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने जब दिल्ली हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा किया तब जाकर हालात नियंत्रण में आए अधीर रंजन चौधरी ने कहा है कि अगर अमित शाह कोरोना वायरस का डर सता रहा था तो वह मास्क लगाकर दिल्ली के इलाकों में क्यों नहीं गए।
अधीर रंजन ने कहा कि सरकार कोशिश करती तो दिल्ली हिंसा को रोका जा सकता था। उन्होनें कहा कि सरकार को जवाब देना होगा। गृह मंत्री अमित शाह तीन दिन तक कहां थे। दिल्ली के कानून की जिम्मेदारी उनके पास है। उन्होंने कहा कि अजीत डोभाल के सड़क पर उतरते ही हिंसा थम गई। जहां अजीत डोभाल जा सकते हैं वहां अमित शाह क्यों नहीं जा सकते। गृह मंत्री के अलावा दो राज्य गृह मंत्री हैं उसके बाद भी अजीत डोभाल हिंसाग्रस्त इलाकों में गए। दिल्ली के कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी उनके पास नहीं है।
अधीर रंजन चौधरी ने बीजेपी पर जिस तरह हमला बोला उसके बाद मीनाक्षी लेखी ने भी पलटवार किया है। मीनाक्षी लेखी ने संसद में कहा कि दिल्ली हिंसा के लिए देश की बाहर ऐसी ताकत है अपने पैसे का इस्तेमाल कर रही हैं। जो भारत की नागरिकता को खतरे में डालना चाहती हैं।मीनाक्षी लेखी ने कहा कि हिंसा में मरने वाले भारतीय थे। कोई बांग्लादेशी हो इसकी जानकारी मुझे नहीं है।आईबी के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या की गई। उनपर 400 बार चाकुओं से हमला किया गया। मैं लोगों की मौत से दुखी हूं।