1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 16, 2024, 8:21:29 AM
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PATNA : बिहार के अलग -अलग यूनिवर्सिटी में कार्यरत हजारों शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मी पेंशन और वेतन के लिए परेशान हैं। इन्हें जनवरी से पेंशन नहीं मिली है। वहीं वेतन का भुगतान फरवरी के बाद नहीं हुआ है। इसको लेकर राजभवन ने पेंशन और वेतन के भुगतान से संबंधित रिपोर्ट मांगी थी। जिसमें साफ़ तौर पर कहा गया था कि किस विश्वविद्यालय में कब से वेतन और पेंशन नहीं मिली है, इसकी रिपोर्ट 15 मई को शाम पांच बजे तक राजभवन भेजें । राजभवन के आदेश के बाद लगभग सभी विश्वविद्यालययों की ओर से रिपोर्ट राजभवन को भेज दी गई है। इसके बाद अब सबकी निगाहें 17 मई को पटना हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिक गई है।
यूनिवर्सिटी की ओर से राजभवन को सभी जानकारी उपलब्ध करा दी गई है। साथ ही कई समस्याओं से भी राज्यपाल सह कुलाधिपति राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को अवगत कराया गया है। पटना विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. खगेंद्र कुमार ने बताया कि सरकार की ओर से पेंशन और वेतन मद में कोई राशि नहीं आई है। जनवरी से पेंशन और फरवरी से वेतन का पैसा बकाया है। हालांकि, हाई कोर्ट के पूर्व के निर्देश के अनुसार आंतरिक संसाधन से शिक्षकों, शिक्षकेतर कर्मियों के वेतन और पेंशन का भुगतान किया गया है। राजभवन को भेजी गई रिपोर्ट में इसकी जानकारी भी दी गई है।
इसके साथ ही वहीं पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय की कुलसचिव प्रो. शालिनी ने बताया कि राजभवन से प्राप्त सूचना के अनुसार सभी रिपोर्ट भेज दी गई है। यहां पर शिक्षकों और कर्मियों की संख्या काफी है। शिक्षकों का वेतन फरवरी से बकाया है। खासकर पेंशन वाले शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मी काफी परेशान हैं। वहीं मौलाना मजहरुल अरबी फारसी विवि के कुलसचिव कर्नल कामेश ने बताया कि यहां फरवरी से वेतन नहीं मिला है। राजभवन को इसकी रिपोर्ट भेज दी गई है। साथ ही सरकार को विश्वविद्यालय का बजट भी बुधवार को भेज दिया गया। उम्मीद है जल्द वेतन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
उधर, कोर्ट के आदेश के बाद भी वेतन नहीं मिलने से शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मियों में काफी आक्रोश है। फुटाब और फुस्टाब वेतन और पेंशन की समस्या पर कई बार सरकार में ज्ञापन सौंप चुके हैं। विवि के शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मियों की निगाह अब 17 मई को हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिकी है। अब कल की सुनवाई के बाद कोर्ट जो आदेश जारी करेगा उसी के अनुसार आगे का निर्णय लिया जाएगा।