1st Bihar Published by: Updated Oct 28, 2019, 5:31:06 PM
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RANCHI: जेवीएम प्रमुख बाबूलाल मरांडी ने भाजपा में शामिल हुए बागी विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग की है. क्योंकि वह एक बार खुद धोखा खा चुके है. अगर ऐसे विधायकों पर कार्रवाई होगी तो विधायक पार्टी छोड़कर भागेंगे नहीं. साल के अंत तक चुनाव होने वाला है और चुनाव में जीतने के बाद भी विधायकों के भागने का खतरा बना रहता है.
पांच दिन पहले बीजेपी में शामिल हुए थे विधायक
पांच दिन पहले ही भाजपा में बहरागोड़ा विधायक कुणाल षाडंगी (झामुमो) , मांडु से विधायक जेपी पटेल (झामुमो), लोहरदगा विधायक सुखदेव भगत (कांग्रेस ) और बरही विधायक मनोज यादव (कांग्रेस ) और भवनाथपुर विधायक भानु प्रताप शाही (नवजवान संघर्ष मोर्चा) शामिल थे. शाही ने अपनी पार्टी का विलय भी भाजपा में कर लिए हैं.
मरांडी के 6 विधायक चले गए थे बीजेपी में
2014 में जेवीएम के 6 विधायक पार्टी छोड़ कर बीजेपी में शामिल हो गए थे. कई सालों से स्पीकर कोर्ट में इसको लेकर सुनवाई चली. लेकिन फरवरी 2019 में फैसला आ गया. विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव ने फैसला सुनाते हुए सभी छह विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग को अमान्य ठहराया. साथ ही जेवीएम के बीजेपी में विलय की बात को सही ठहराया था.