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BIHAR NEWS : नीट छात्रा मौत मामला: CBI जांच पर उठे सवाल, POCSO कोर्ट की फटकार के बाद बदला गया IO

नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जांच में लापरवाही और POCSO कोर्ट की फटकार के बाद अब केस के जांच अधिकारी (IO) को बदल दिया गया है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 20, 2026, 7:45:27 AM

BIHAR NEWS : नीट छात्रा मौत मामला: CBI जांच पर उठे सवाल, POCSO कोर्ट की फटकार के बाद बदला गया IO

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BIHAR NEWS : जहानाबाद की नीट छात्रा की मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल केस में CBI की जांच पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। जांच में कथित लापरवाही और POCSO कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद CBI ने बड़ा कदम उठाते हुए केस के IO को बदल दिया है। अब एएसपी पवन कुमार श्रीवास्तव की जगह डीएसपी विभा कुमारी को नया जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।


CBI ने 12 फरवरी को इस केस को अपने हाथ में लेकर जांच शुरू की थी। लेकिन एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद जांच में कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इस बीच, छात्रा के परिजनों के वकील एसके पांडेय ने POCSO कोर्ट में कई गंभीर मुद्दों को लेकर आवेदन दाखिल किया है। इस आवेदन में परिजनों का कोर्ट में बयान दर्ज कराने, जांच की कॉपी उपलब्ध कराने, लापरवाही बरतने वाले पुलिस और अस्पताल कर्मियों पर केस दर्ज करने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की गई है। इन सभी बिंदुओं पर 23 मार्च को सुनवाई होनी है।


इधर, नए IO बनाए जाने के बाद डीएसपी विभा कुमारी अपनी टीम के साथ छात्रा के परिजनों से पूछताछ करने जहानाबाद पहुंचीं। हालांकि, इस दौरान परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध जताया। उनका कहना था कि CBI टीम पहले भी तीन-चार बार पूछताछ के लिए आ चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों का आरोप है कि बार-बार पूछताछ कर सिर्फ औपचारिकता निभाई जा रही है।


परिजनों ने यह भी बताया कि उन्हें पहले धमकी भरे पत्र मिल चुके हैं, लेकिन इस दिशा में भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यह मामला शकूराबाद थाना में दर्ज है, लेकिन स्थानीय पुलिस भी अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकाल सकी है।


छात्रा के दादा ने CBI पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जांच एजेंसी उन पर दबाव बना रही है कि वे इस मामले को आत्महत्या मान लें। उन्होंने कहा, “हमने CBI को हर तरह से सहयोग किया, सारे सबूत दे दिए। अब बार-बार हम पर ही दबाव बनाया जा रहा है कि आत्महत्या मान लीजिए। हमारे पास अब कुछ नहीं बचा है, सब CBI ले चुकी है।”


CBI टीम ने छात्रा के घर से लौटने के बाद उसके स्कूल का भी दौरा किया, जहां छात्रा के पिता के बारे में जानकारी जुटाई गई। इसके बाद टीम शकूराबाद थाना पहुंची और परिजनों को मिली धमकी के मामले से जुड़े दस्तावेजों की कॉपी लेकर जांच आगे बढ़ाई।


सबसे बड़ा सवाल CBI की जांच प्रक्रिया पर उठ रहा है। जब एजेंसी ने केस टेकओवर किया, तो प्राथमिकी में POCSO एक्ट तक नहीं जोड़ा गया। इसके बजाय हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया। इसी वजह से POCSO कोर्ट ने CBI को फटकार लगाई।


इसके अलावा, मामले में जेल में बंद आरोपी मनीष कुमार रंजन को रिमांड पर लेकर पूछताछ नहीं की गई। CBI उसके मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) का भी सही विश्लेषण नहीं कर पाई है। घटना के दिन यानी 5 जनवरी को वह कहां था और किन लोगों के संपर्क में था, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है।


इतना ही नहीं, घटना के दिन हॉस्टल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी कोर्ट में पेश नहीं की गई है। परिजनों का कोर्ट में बयान तक दर्ज नहीं कराया गया है, जिससे जांच की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।अब 23 मार्च को होने वाली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि कोर्ट इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं।