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Bihar News : तस्करों पर नहीं, एक-दूसरे पर टूट पड़ी खाकी! तस्करों के बजाय आपस में ही उलझ गई पुलिस, मद्य निषेध विभाग का सिपाही लहूलुहान

कटिहार रेलवे स्टेशन पर शराब तस्करी रोकने गई टीम खुद विवाद में फंस गई। GRP और मद्य निषेध विभाग के बीच झड़प में एक सिपाही घायल हो गया।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 20, 2026, 9:26:27 AM

Bihar News : तस्करों पर नहीं, एक-दूसरे पर टूट पड़ी खाकी! तस्करों के बजाय आपस में ही उलझ गई पुलिस, मद्य निषेध विभाग का सिपाही लहूलुहान

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Bihar News : बिहार के कटिहार रेलवे स्टेशन पर उस समय हड़कंप मच गया, जब शराब तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची मद्य निषेध विभाग की टीम और जीआरपी (रेल पुलिस) के जवान आपस में ही भिड़ गए। जिस ऑपरेशन का मकसद तस्करों को पकड़ना था, वह देखते ही देखते पुलिस बनाम पुलिस की खूनी झड़प में बदल गया। इस घटना ने एक बार फिर कानून व्यवस्था और विभागों के बीच समन्वय पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


जानकारी के अनुसार, मद्य निषेध विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि पश्चिम बंगाल के रास्ते हाटे-बाजारे एक्सप्रेस ट्रेन से शराब की एक बड़ी खेप कटिहार पहुंचने वाली है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए विभाग की एक टीम ने स्टेशन पर जाल बिछाया और संदिग्ध तस्करों को पकड़ने की तैयारी शुरू कर दी।


बताया जा रहा है कि जैसे ही टीम प्लेटफॉर्म पर सक्रिय हुई, उसी दौरान जीआरपी के कुछ जवान वहां पहुंचे और कार्रवाई में दखल देने लगे। शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच मामूली कहासुनी हुई, लेकिन देखते ही देखते मामला बिगड़ गया। आरोप है कि जीआरपी के जवानों ने मद्य निषेध विभाग की टीम के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी, जो जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गई।


प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, स्टेशन परिसर में अचानक मारपीट शुरू होने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यात्री डर के मारे इधर-उधर भागने लगे। कुछ लोगों ने इस पूरी घटना का वीडियो भी बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।


इस झड़प में मद्य निषेध विभाग का एक सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जा रहा है कि जीआरपी के जवानों द्वारा की गई पिटाई में वह बुरी तरह लहूलुहान हो गया। घटना के बाद घायल सिपाही को तत्काल कटिहार सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन उसे काफी चोटें आई हैं।


मद्य निषेध विभाग के अधिकारियों ने इस पूरे मामले को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उनका आरोप है कि जीआरपी अक्सर उनकी कार्रवाई में बाधा डालती है और इस बार भी जानबूझकर ऐसा किया गया। एक अधिकारी ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “हम तस्करों को पकड़ने पहुंचे थे, लेकिन हमें क्या पता था कि वर्दी वाले ही हमारे दुश्मन बन जाएंगे। हमारे साथ खुलेआम बदसलूकी की गई और हमारे जवान को बुरी तरह पीटा गया।”


वहीं, जीआरपी की ओर से अभी तक इस मामले में आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि दोनों विभागों के बीच पहले से ही अधिकार क्षेत्र को लेकर तनाव बना हुआ था, जो इस घटना में खुलकर सामने आ गया।


इस घटना ने रेलवे स्टेशन जैसी संवेदनशील जगह पर सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर कानून के रखवाले ही आपस में भिड़ जाएं, तो आम लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी, यह एक बड़ा सवाल बन गया है।


फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी गई है और उच्च अधिकारियों ने रिपोर्ट तलब की है। उम्मीद जताई जा रही है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।