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कश्मीर पर बड़े फैसले की तैयारी: NIT अनिश्चितकाल के लिए बंद, हॉस्टल खाली कराया गया, डरी महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार के सामने हाथ जोड़े

1st Bihar Published by: 13 Updated Aug 03, 2019, 4:36:25 PM

कश्मीर पर बड़े फैसले की तैयारी: NIT अनिश्चितकाल के लिए बंद, हॉस्टल खाली कराया गया, डरी महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार के सामने हाथ जोड़े

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DELHI: ”हालांकि इस्लाम में हाथ जोड़ना गुनाह है लेकिन फिर भी मैं हाथ जोड़ कर कहती हूं कि केंद्र सरकार कश्मीर के लोगों का डर दूर करे. कश्मीरी खौफज़दा है. उनके अधिकारों की रक्षा करना केंद्र सरकार का काम है.“ ये कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ़्ती का शुक्रवार का बयान है. ये वही महबूबा हैं जिन्होंने 35A और 370 को हाथ लगाने पर जल जाने की चेतावनी दी थी. लेकिन कश्मीर को दुरुस्त करने पर आमदा नरेंद्र मोदी सरकार जब एक्शन में आयी तो महबूबा हाथ जोड़ रही हैं. नरेंद्र मोदी सरकार ने साफ संकेत दे दिया है कि कश्मीर में वाक़ई बड़ा एक्शन होने जा रहा है. NIT के क्लास बंद, छात्रों से हॉस्टल खाली कराया गया कश्मीर में कुल मिलाकर अर्ध सैनिक बलों के 78 हज़ार जवानों की तैनाती और अमरनाथ यात्रा समाप्त करने के बाद केंद्र सरकार के आदेश पर कश्मीर के NIT को बंद कर दिया गया है. NIT के निदेशक ने अनिश्चित काल के लिए संस्थान को बंद करने का आदेश जारी किया है. छात्रों से हॉस्टल खाली करा लिया गया है. अहम बात ये है कि NIT प्रशासन कह कहा है कि सरकार से मिले आदेश के मुताबिक संस्थान को बंद किया गया है. वहीं जम्मू कश्मीर सरकार ने ऐसा आदेश देने की बात से इंकार किया है. बेचैन हुए कश्मीर के मुस्लिम नेता नरेंद्र मोदी सरकार के कड़े क़दम की संभावना से घबराये कश्मीर के मुस्लिम नेता शुक्रवार की रात बेचैन हुए. शुक्रवार की रात महबूबा मुफ्ती, सज्जाद लोन और शाह फ़ैसल जैसे अलगाववादी समर्थक नेताओं ने बैठक की और राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मिलने का समय मांगा. उनके मुताबिक कश्मीर में डर का माहौल है और ये बढ़ता जा रहा है. अलगाववादियों के समर्थक माने जाने वाले ये नेता राज्यपाल से ये भरोसा चाह रहे थे कि कश्मीर में सख़्ती नहीं बरती जायेगी. घाटी के हर कोने में तैनात जवान उधर श्रीनगर से मिली जानकारी के मुताबिक कश्मीर घाटी के हर कोने में केंद्रीय अर्ध सैनिक बल के जवान तैनात कर दिये गये हैं. श्रीनगर के हर चौक-चौराहे पर सेंट्र्ल फ़ोर्स तैनात है. श्रीनगर के हर एंट्री प्वाइंट पर केंद्रीय अर्ध सैनिक बलों को तैनात कर दिया गया है. जम्मू-श्रीनगर राज मार्ग पर भी भारी तादाद में जवानों की तैनाती की गयी है.