1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 08, 2023, 5:48:07 PM
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PATNA: महासेतु पुल गिरने के मामले पर बीजेपी ने नीतीश कुमार पर बड़ा आरोप लगाया है। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि महासेतु निर्माण एजेंसी को नीतीश कुमार बचा रहे हैं। मुख्यमंत्री खुद इंजीनियर हैं वे पुल निर्माण का श्रेय ले सकते हैं तो पुल के ढहने की भी जिम्मेदारी लें। पुल गिरने का मामला बेहद गंभीर है नीतीश कुमार को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए लेकिन कार्रवाई करने के बजाय उन्होंने 15 दिन का नोटिस दे दिया। उन्होंने पूछा कि IIT की जांच रिपोर्ट देरी से मिलने पर क्या कार्रवाई हुई?
पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि पिछले आठ साल से निर्माणाधीन पड़े सुल्तानगंज महासेतु का हिस्सा ढहने की बड़ी घटना के बाद निर्माण एजेंसी पर तत्काल कड़ी करने के बजाय उसे 15 दिन का नोटिस देकर सरकार उसे बचा रही है। उन्होंने कहा कि इंजीनियर नीतीश कुमार बतायें कि जब नौ माह पहले इसी महासेतु का पाया ढह गया था, तब उनकी सरकार ने निर्माण एजेंसी के विरुद्ध क्या कार्रवाई की?
उन्होंने कहा कि यदि उस समय सेतु निर्माण में लापरवाही पर नरम रुख अपनाते हुए एजेंसी को क्लीनचिट न दी गई होती, तो पुल के पाये ढहने की घटना दोबारा न होती। सुशील मोदी ने कहा कि पहली बार पाया धंसने की जाँच आइआइटी रुड़की को दी गई थी, लेकिन उसकी रिपोर्ट ऐसी दूसरी घटना के बाद आयी। इतनी देर से जाँच रिपोर्ट देने वालों पर सरकार ने क्या कार्रवाई की? यदि पुल के स्ट्रक्चरल डिजाइन में गलती थी, तो इसे स्वीकृति देने वाले अभियंताओं पर क्या कार्रवाई हुई ?
उन्होंने कहा कि पथ निर्माण मंत्री कोई हो, सारे काम की मानीटरिंग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करते हैं और उनकी मर्जी के बिना पत्ता भी नहीं हिलता। जब सड़क, पुल, महासेतु तक सारे निर्माणों का श्रेय इंजीनियर मुख्यमंत्री स्वयं लेते हैं, तो पुल ढहने की जिम्मेदारी भी उन्हें लेनी चाहिए।