1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 19 May 2024 07:08:54 AM IST
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DESK : सुप्रीम कोर्ट के द्वारा सख्ती अपनाने के बाद बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सोन पापड़ी के परीक्षण में फेल होने पर पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के एक सहायक प्रबंधक सहित तीन लोगों को छह महीने की जेल की सजा सुनाई है। तीनो पर जुर्माना अलग से लगाया गया है।
17 अक्टूबर, 2019 को एक खाद्य सुरक्षा निरीक्षक ने पिथौरागढ़ के बेरीनाग के मुख्य बाजार में लीलाधर पाठक की दुकान का दौरा किया था। जहां पतंजलि नवरत्न इलायची सोन पापड़ी के बारे में चिंताएं व्यक्त की गईं। नमूने एकत्र किए गए और रामनगर कान्हा जी वितरक के साथ-साथ पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड को नोटिस जारी किया गया था।
इसके बाद उत्तराखंड के ही रुद्रपुर, उधम सिंह नगर में राज्य खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला में उसकी फोरेंसिक जांच की गई। दिसंबर, 2020 में राज्य खाद्य सुरक्षा विभाग को प्रयोगशाला से एक रिपोर्ट मिली, जिसमें मिठाई की घटिया गुणवत्ता के बारे में बताया गया था। इसके बाद व्यवसायी लीलाधर पाठक, वितरक अजय जोशी और पतंजलि के असिसटेंट मैनेजर अभिषेक कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया।
सुनवाई के बाद अदालत ने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा- 59 के तहत तीनों को क्रमशः छह महीने की कैद और क्रमश: 5,000, 10,000 और 25,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
अदालत ने अपना फैसला खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत सुनाया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने कहा, "अदालत में पेश किए गए सबूत स्पष्ट रूप से उत्पाद की घटिया गुणवत्ता को लेकर है।"