1st Bihar Published by: Updated Jan 06, 2023, 4:39:35 PM
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SITAMARHI: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समाधान यात्रा को चमकाने के लिए सरकार औऱ प्रशासन ने आज सीतामढ़ी में हैवानी खेल किया. भीषण ठंढ़ में दलित टोले के मासूम बच्चों को खुले में 6 घंटे तक बिठा कर रखा गया. ठंढ़ से कांपते बच्चों को सुबह 8 बजे से दोपहर के दो बजे तक मुख्यमंत्री का इंतजार कराया गया लेकिन बिहार के सीएम ने उधर झांकने की जहमत नहीं उठायी.
ऐसे चमकायी जा रही है समाधान यात्रा
दरअसल, नीतीश कुमार अपनी समाधान यात्रा के तहत शुक्रवार को सीतामढ़ी के दौरे पर हैं. चूंकि नीतीश कुमार को कोई जनसभा नहीं करनी है और ना ही आम लोगों से मिलना है लिहाजा उन्हें खास जगहों पर ले जाने का प्रोग्राम रखा गया है. सीतामढ़ी में भी ऐसी ही व्यवस्था की गयी. जिला प्रशासन ने सीतामढ़ी के डुमरा प्रखंड के राघोपुर बखरी दलित टोले में नीतीश कुमार के दौरे का कार्यक्रम रखा था.
दरअसल नीतीश सरकार महादलित, दलित, अल्पसंख्यक औऱ अति पिछड़ा वर्ग अक्षर आंचल योजना चलाती है. सरकार ये दावा करती है इससे इन तबके के बच्चों को सही शिक्षा दी जा रही है. सीतामढ़ी के राघोपुर बखरी दलित टोले में मुख्यमंत्री को इसी योजना का निरीक्षण करना था. लिहाजा प्रशासन ने इस भीषण ठंढ़ में बच्चों के साथ हैवानी सलूक किया.
खुले में 6 घंटे तक बैठे रहे बच्चे
जिला प्रशासन के निर्देश के मुताबिक राघोपुर बखरी दलित टोले के लगभग दो दर्जन मासूम बच्चों को सुबह 8 बजे से ही खुले में बिठा दिया गया. इससे पहले उनसे सीएम के स्वागत के लिए साज सज्जा भी करायी गयी. सुबह 8 बजे से दोपहर के दो बजे तक बस्ती के बाहर बैठे बच्चे नीतीश कुमार का इंतजार करते रहे. नीतीश कुमार ने राघोपुर बखरी से कुछ दूरी पर अवस्थित आंबेडकर आवासीय विद्यालय के निरीक्षण की रस्म अदायगी की और वहीं से निकल गये.
राघोपुर बखरी गांव में बच्चों को लेकर बैठे महादलित दलित अक्षर आंचल योजना के संविदाकर्मी दशरथ सदा से जब मीडियाकर्मियों ने बात की तो उन्होंने बताया कि प्रशासन ने खबर किया था कि मुख्यमंत्री वहां आने वाले हैं. इसलिए बच्चे सुबह 8 बजे से बैठे हैं. दशरथ सदा ने दोपहर में कहा कि वे सब अभी भी मुख्यमंत्री के आने का इंतजार कर रहे हैं. जबकि नीतीश कुमार दूसरे जगह पर निरीक्षण की रस्म अदायगी कर सरकारी बैठक के लिए निकल चुके थे. दोपहर के दो बजे के बाद बच्चे अपने घर लौटे.