1st Bihar Published by: Updated May 18, 2020, 9:38:39 AM
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PATNA : पटना के आईजीआईसी(इंदिरा गांधी ह्दय रोग संस्थान) से कोरोना संक्रमित नालंदा जिले के हिलसा अनुमंडल अस्पताल के उपाधीक्षक के तार जुड़ गये हैं। कनेक्शन जुड़ने के बाद पटना जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। इस मामले में प्रशासनिक लापरवाही भी उजागर हुई है।
पटना के आईजीआईसी में डॉक्टर की पत्नी टेंपररी पेसमेकर जैसी संवेदनशील यूनिट में नर्स हैं। रविवार सुबह इसकी जानकारी होते ही डॉयरेक्टर डॉ अरविंद कुमार ने नर्स कक्ष को सैनिटाइज कराने के बाद होम क्वारेंटाइन पर भेज दिया।डॉयरेक्टर डॉ अरविंद कुमार ने बताया कि वह पारिवारिक कारणों से गुरुवार और शुक्रवार को अस्पताल नहीं आयी थीं। शनिवार को उन्हें बुलाया गया था बावजूद इसके उन्होनें निदेशक को चिकित्सक पति के कोरोना संक्रमित होने की जानकारी नहीं दी।
पिछले बुधवार को हिसला के एक आईएएस ऑफिसर की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उपाधीक्षक के नमूने जांच के लिए दिया गया था। गुरुवार की देर रात उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आयी थी। डॉक्टर हर दिन बहादुरपुर गुमटी के नजदीक चित्रगुप्त नगर स्थित आवास से हिलसा अस्पताल आते-जाते थे। बावजूद इसके नालंदा के अधिकारियों ने पटना सिविल सर्जन को संपर्क हिस्ट्री नहीं भेजी। नतीजा तीन दिन तक उनकी पत्नी, ड्राइवर और घर में काम करकने वालों की जांच नहीं हो सकी।
पटना के सिविल सर्जन डॉ राजकिशोर चौधरी ने बताया कि सोमवार को डॉक्टर के परिजनों और उनके संपर्क में आए लोगों को होटल पाटलिपुत्र अशोक में क्वारंटाइन कर जांच के लिए नमूना लिया जाएगा।