पटना SSP की पहली क्राइम मीटिंग : राजीव मिश्रा ने सभी SHO को थमाया टास्क, बोले .. नहीं चेलगी जैसे-तैसे जांच, सही से लिखनी होगी डायरी

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 12, 2023, 7:48:54 AM

पटना SSP की पहली क्राइम मीटिंग : राजीव मिश्रा ने सभी SHO को थमाया टास्क, बोले .. नहीं चेलगी जैसे-तैसे जांच, सही से लिखनी होगी डायरी

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PATNA : पटना के नए एसएसपी पदभार संभालते ही राज्य के अंदर क्राइम कंट्रोल को लेकर लगातार एक्टिव दिख रहे हैं और अपने पदाधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश भी दे रहे हैं। इस बीच कल उन्होंने अपनी पहली क्राइम मीटिंग बुलाए और सभी पदाधिकारियों को टास्क भी थमाया। पटना के SSP राजीव मिश्रा ने जिले के सभी थानेदारों को टास्क थमाया है। 


दरअसल, राज्य में पिछले कुछ दिनों के अंदर अपराध के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसके बाद अब पटना के नए एसएसपी ने पदभार संभालते ही  क्राइम कंट्रोल को लेकर पहली क्राइम मीटिंग बुलाई। इस दौरान उन्होंने कहा सभी थानेदार को टास्क देते हुए कहा है कि, हत्या, लूट, डकैती, अपहरण जैसे संगीन अपराध की वारदातें होती हैं, पर उसके बाद काम सही नहीं होता है। मगर, अब संगीन अपराध की वारदात हाेने के बाद साइंटिफिक तरीके से सबूत जुटाना होगा। जांच भी जैसे-तैसे नहीं होगी। पूरी तरह से क्वालिटी वाली जांच करनी होगी। केस की डायरी ठीक से लिखनी होगी। ताकि अपराधियों काे सजा मिल सके। वो अधिक समय तक जेल में रह सकें।


SSP की क्राइम मीटिंग देर रात तक चली। पटना की कमान संभालने के बाद SSP राजीव मिश्रा पहली बार जिले के सभी थानेदाराें, एसडीपीओ, डीएसपी, एएसपी और सभी एसपी के साथ क्राइम मीटिंग थी। जो तीन घंटे से भी अधिक देरी तक चली। SSP ने थानेदाराें काे आदेश दिया कि थाना में आने वाले हर पीड़ित लिखित कंप्लेन की रिसीविंग तत्काल देना होगा। थाना अपनी समस्या लेकर आने वाले हर शख्स से अच्छे तरीके से बात करनी होगी।


इसके साथ ही साथ उन्होंने सभी थानेदाराें से अपने इलाकों में पेट्रोलिंग की व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा है। खासकर सार्वजनिक स्थानाें पर पुलिस तैनात रहने का भी निर्देश दिया गया।  इसके साथ ही माेबाइल, पर्स, चेन स्नेचिंग पर हर हाल में लगाम लगाने को भी निर्देश दिया गया। बाइक चाेरी और घराें में हाेने वाली चाेरी पर रोक के लिए देर रात तक  पेट्रोलिंग  करने को कहा गया। 


इधर, SSP ने सभी थानेदाराें से उनके इलाके में पिछले एक महीने के दाैरान हुए वारदाताें का फीड बैक लिया। काैन सी वारदात में क्या हुआ? उस वारदात की जांच में क्या सबूत मिले? अपराधी गिरफ्तार हुए या नहीं? अगर उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई तो क्यों नहीं? इन सवालों जवाब भी थानेदारों से पूछा गया। इस दौरान उन्होंने सभी थानेदारों को यह भी कहा कि, आपलोग इस बात का भी ख्याल रखें कि जेल से बाहर आया अपराधी क्या कर रहा है? वह कहां-कहां आता-जाता है?