1st Bihar Published by: Updated May 04, 2020, 3:20:12 PM
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PATNA : चुनावी रणनीतिकार और कभी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खासमसास रहे प्रशांत किशोर ने उनपर तंज कसा है।प्रशांत किशोर ने ट्रेन चलाए जाने के मुद्दे पर नीतीश कुमार के दावों की खिल्ली उड़ायी है।
प्रशांत किशोर ने ट्वीट कर कहा है कि देश के कई हिस्सों में फँसे हुए बिहार के लोगों के लिए कुछ नहीं करने वाले नीतीश कुमार अब कह रहे हैं कि केंद्र ने उनके सुझाव पर लोगों के लिए Trains शुरू की है।सर, आपने ये सुझाव कब दिया और इसको मानने में इतनी देरी क्यों हुई? क्या गरीब लोगों से भाड़ा लेने का सुझाव भी आपका ही है?
देश के कई हिस्सों में फँसे हुए बिहार के लोगों के लिए कुछ नहीं करने वाले @NitishKumar अब कह रहे हैं कि केंद्र ने उनके सुझाव पर लोगों के लिए Trains शुरू की है!
— Prashant Kishor (@PrashantKishor) May 4, 2020
सर, आपने ये सुझाव कब दिया और इसको मानने में इतनी देरी क्यों हुई? क्या गरीब लोगों से भाड़ा लेने का सुझाव भी आपका ही है?
प्रशांत किशोर ने दरअसल नीतीश कुमार के इन दावों पर निशाना साधा है जिसमें उन्होनें केन्द्र सरकार का धन्यवाद देते हुए कहा कि हमलोगों के सुझाव पर ट्रेन चलाने की मांग को केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया है। यही कारण है कि ट्रेनें से मजदूर और छात्रों को लाने का सिलसिला शुरू हो गया है। प्रशांत किशोर ने तंज कसते हुए कहा कि अगर आपने ये सुझाक केन्द्र सरकार को दिया था तो सरकार ने इसे मानने में इतनी देरी क्यों लगा दी। वहीं प्रशांत किशोर ने ये भी कहा कि नीतीश जी ये भी स्पष्ट कर दीजिए कि कही गरीबों से भाड़ा लेने का सुझाव भी आपका ही तो नहीं था।
बता दें कि लॉकडाउन में फंसे बिहार के छात्र और मजदूरों के किराया पर लेकर सियासत जारी है। बिहार सरकार पर विपक्ष कई आरोप लगा रहा है। उसके बाद सीएम नीतीश कुमार ने सफाई दी है। सीएम ने कहा कि बिहारियों को लाने के लिए राज्य सरकार रेलवे को पैसा दे रही है। बिहार आने के लिए मजदूरों से कोई पैसा नहीं लिया जा रहा है। वहीं सीएम नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार धन्यवाद देते हुए कहा कि हमलोगों के सुझाव पर ट्रेन चलाने की मांग को केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया है। यही कारण है कि ट्रेनें से मजदूर और छात्रों को लाने का सिलसिला शुरू हो गया है।
नीतीश कुमार ने कहा कि कोटा से जो छात्र आ रहे हैं। उनसे पैसा नहीं लिया जा रहा है। जो भी बिहारी मजदूर आ रहे उनसे भी पैसा नहीं लिया जा रहा है। वह जिस स्टेशन पर उनकी ट्रेन आएगी तो पूरी जांच करने के बाद उनके प्रखंड तक भेजा जाएगा। वहां पर 21 दिन का क्वॉरेंटाइन किया जाएगा। सीएम नीतीश ने कहा कि क्वॉरेंटाइन सेंटर पर रहने के लिए सभी तरह की व्यवस्था की गई है। सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि क्वॉरेंटाइन सेंटर से जाने के बाद जितना भी आने में मजदूरों का खर्च हुआ उसके अलावे 500 रुपए अलग से सरकार देगी और कम से कम 1000 हजार रुपए उनको दिया जाएगा। यह पैसा सभी मजदूरों को दिया जाएगा।