पूर्व मंत्री राजबल्लभ यादव और MLA नीतू सिंह समेत पांच नेता को कोर्ट से मिली बड़ी राहत, आचार संहिता मामले में 14 साल बाद हुए बरी

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 12, 2023, 9:05:34 AM

पूर्व मंत्री राजबल्लभ यादव और MLA नीतू सिंह समेत पांच नेता को कोर्ट से मिली बड़ी राहत, आचार संहिता मामले में 14 साल बाद हुए बरी

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NAWADA : आदर्श आचार सहिंता मामले में आरोपित पूर्व मंत्री राजबल्लभ प्रसाद यादव,पूर्व विधायक बनवारी राम, कांग्रेस से हिसुआ विधायक नीतू सिंह, पूर्व जिला पार्षद वारिसलीगंज विधायक अरुणा देवी के पति अखिलेश सिंह और मो. इनुस को अदालत ने बड़ी राहत दी है। अदालत ने इन लोगों को आरोप मुक्त करते हुए आदर्श आचार सहिंता उलंघन मामले में रिहा कर दिया है। 


दरअसल , नवादा के एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी सह प्रथम अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी चंदन कुमार ने बिहार सरकार के पूर्व मंत्री राजबल्लभ यादव समेत अन्य कई नेताओं पर आचार सहिंता उलंघन मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए साक्ष्य के अभाव में सभी को रिहा करने का आदेश जारी किया। आचार संहिता उल्लंघन मामले में आरोपितों में बेउर जेल में बंद पूर्व मंत्री राजबल्लभ प्रसाद वीडियो कांफ्रेंस के द्वारा अदालत में उपस्थित हुए थे। जबकि, शेष आरोपित अदालत में सशरीर उपस्थित हुए थे। 



मालूम हो कि, यह मामला नगर थाना कांड संख्या-111/09 से जुड़ा है। यह मामला वर्ष 2009 में लोकसभा चुनाव का था। अचार संहिता की अवधि के दौरान नवादा सदर बीडीओ प्रमोद कुमार पांडेय ने 20 मार्च 09 को देखा कि व्यवहार न्यायालय के मुख्य गेट पर एक पोस्टर सटा हुआ है, जिस पोस्टर पर उच्च विद्यालय चंडीनामा (काशीचक) में आयोजित होने वाले खेल प्रतियोगिता के उद्घाटनकर्ता के रूप में पूर्व मंत्री राजबल्लभ प्रसाद, रजौली विधायक बनवारी राम, हिसुआ की वर्ततमान विधायक तब की जिला परिषद अध्यक्ष नीतू सिंह और मो. इनुस का नाम अंकित था। 



आपको बताते चलें कि, 2009 लोकसभा चुनाव के दौरान अचार संहित का उल्लंघन का मामला पाते हुए तब के बीडीओ द्वारा नगर थाना में कांड दर्ज कराया गया था।  कांड के गवाह घटना को अदालत में प्रमाणित करने में असफल रहे। जबकि इससे अदालत ने साक्ष्य के अभाव में सभी आरोपियों को रिहा कर दिया।