1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 02, 2024, 10:03:47 AM
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SARAN : बिहार का सारण लोकसभा सीट इस बार काफी चर्चा में हैं। क्योंकि यहां से लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य चुनावी मैदान में हैं और उन्होंने अपना नामांकन पर्चा भी कर दिया है। उनके नामांकन में पार्टी सुप्रीमो लालू यादव, विधान परिषद की नेता विपक्ष राबड़ी देवी, विधानसभा के नेता विपक्ष तेजस्वी यादव और राजद की राज्यसभा सांसद मीसा भारती मौजूद थी। इसके बाद अब आज एनडीए कैंडिडेट राजीव प्रताप रूडी भी अपना नामांकन दाखिल करेंगे। उनके नामांकन दाखिल करके बाद एक जनसभा भी रखी गई है। जिसमें देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मौजूद रहेंगे।
दरअसल, सारण से एनजीए उम्मीदवार राजीव प्रताप रूडी नामांकन करेंगे। राजीव प्रताप रूड्डी के नामांकन में रक्षा मंक्षी राजनाथ सिंह भी शामिल होंगे। र राजीव प्रताप रूड्डी अब से कुछ देर बाद कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे। रूड्डी 2014 और 2019 में सारण से चुनाव जीते हैं। इस बार वो अगर चुनाव जीतते हैं तो वह लगातार तीसरी बार सारण के सांसद होंगे।
वहीं, राजीव प्रताप रूडी नामांकन दाखिल करने के बाद राजेन्द्र स्टेडियम छपरा जायेंगे। जहां नामांकन समारोह सह आशीर्वाद सभा का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, जदयू के राज्यसभा सांसद संझय झा, हम से राज्य सरकार में मंत्री सुमन मांझी, जद यू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, पूर्व केंद्रीय मंत्री सह भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन, प्रदेश महामंत्री सह सारण के प्रभारी जगन्नाथ ठाकुर समेत कई दिग्गज शामिल होंगे।
मालूम हो कि, सारण से इस बार महागठबंधन के तरफ से राजद सुप्रीमो लालू यादव को किडनी डोनेट कर सुर्ख़ियों में आई उनकी लाडली बेटी रोहिणी आचार्य चुनाव लड़ रही है। रोहिणी आचार्य पिछले कई दिनों से सारण में ही कैंप कर रही है। इस दौरान वो जनता के बीच घर -घर पहुंचकर खुद के लिए वोट अपील करती हुई नजर आ रही है। इसके साथ ही वो भाजपा सांसद पर कई तरह के आरोप भी लगा रही है।
आपको बताते चलें कि,सारण में पांचवें चरण में यानी 20 मई को चुनाव होना है। रोहिणी आचार्य औऱ राजीव प्रताप रूड्डी के साथ निर्दलीय उम्मीदवार लालू प्रसाद यादव भी मैदान में है। सारण नाम से लोकसभा सीट 2008 में अस्तित्व में आई थी। परिसीमन से पहले यह छपरा लोकसभा चुनाव क्षेत्र हुआ करता था। साल 1951-52 में देश के पहले आम चुनाव हुए तब छपरा नाम से लोकसभा सीट नहीं थी। अब इस बार सारण की जनता किसे जिताती है यह तो 4जून को पता चलेगा।