1st Bihar Published by: First Bihar Updated Oct 30, 2023, 7:39:34 AM
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PATNA : राज्य में शिक्षकों की कमी को देखते हुए बिहार सरकार ने बड़ा फैसला किया है। अब राज्य के स्नातक प्रशिक्षित वेतनमान वाले शिक्षकों को मध्य विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के रूप में पदस्थापन होगा। यह व्यवस्था मध्य विद्यालयों में स्नातकोत्तर योग्यताधारी शिक्षक उपलब्ध नहीं रहने पर की जा रही है। जिसके लिए स्नातक प्रशिक्षित वेतनमान में न्यूनतम चार वर्ष तक कार्यरत रहने की अनिवार्यता लागू होगी। तभी स्नातक योग्यताधारी शिक्षक भी प्रधानाध्यापक के पद पर प्रोन्नति के योग्य माने जायेंगे।
दरअसल, शिक्षा विभाग ने मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक के पद पर प्रोन्नति के लिए निर्धारित योग्यता को शिथिल करने का संबंधित आदेश पूर्व में जारी किया गया था। इसमें में कहा गया है कि बिहार राजकीयकृत प्रारंभिक विद्यालय शिक्षक (स्थानांतरण, अनुशासनिक कार्रवाई एवं प्रोन्नति) नियमावली, 2018 के नियम के तहत मध्य विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के पदों पर प्रोन्नति हेतु योग्यता एवं कालावधि में शिथिलीकरण की कार्रवाई नियमानुसार करने का प्रावधान किया गया है।
आपको बताते चलें कि, शिक्षा विभाग के तरफ से यह कहा गया था कि मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक के पदों पर स्नातक प्रशिक्षित वेतनमान में न्यूनतम अवधि यथा निर्धारित हो एवं स्नात्तकोत्तर योग्यता वाले शिक्षक को वरीयता के आधार पर उपलब्ध रिक्ति के अनुरूप प्रोन्नति देने पर विचार किया जायेगा।प्रोन्नति हेतु अपेक्षित संख्या में शिक्षक उपलब्ध नहीं रहने पर योग्यता एवं कालावधि में शिथलीकरण की कार्रवाई की जा सकेगी। इसके बाद अब स्नातक प्रशिक्षित वेतनमान वाले शिक्षकों को मध्य विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के रूप में पदस्थापन नवंबर में होगा।