1st Bihar Published by: MANOJ KUMAR Updated May 27, 2023, 9:21:52 PM
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MUZAFFARPUR: साहिबगंज से BJP विधायक राजू सिंह पर अपहरण का केस दर्ज करवाने वाले राजद नेता तुलसी राय पर भी 20 केस दर्ज है। मुजफ्फरपुर के अलावे अन्य जिलों में भी आरजेडी नेता तुलसी राय के खिलाफ केस दर्ज है। इस मामले को लेकर बीजेपी ने कहा है कि पुलिस प्रशासन एकतरफा कार्रवाई ना करें यदि ऐसा हुआ तो बीजेपी उग्र आंदोलन करेगी।
मुज़फ़्फ़रपुर जिले में बीते 25 मई को एक तिलक समारोह में भोज खाने के बाद अजीबो-गरीब मामला सामने आया। जहां राजद नेता तुलसी राय के अपहरण का आरोप साहिबगंज से बीजेपी विधायक डॉ. राजू सिंह पर लगा। बिहार के सत्ताधारी दल राजद नेता के अपहरण की सूचना मिलने के बाद हरकत में आई पुलिस ने अत्याधुनिक कार्रवाई करते हुए बीजेपी विधायक के कोल्ड स्टोर से सकुशल बरामद कर लिया। जिसके बाद राजद नेता तुलसी राय द्वारा स्थानीय साहेबगंज के विधायक समेत आधा दर्जन लोगों के खिलाफ नामजद और अन्य करीब एक दर्जन लोगों के खिलाफ अज्ञात मामला पारु थाना में दर्ज कराया गया।
इसके अगले दिन 26 मई को पुलिस अभिरक्षा में राजद नेता तुलसी रायका मुजफ्फरपुर कोर्ट में मजिस्ट्रेट के समक्ष 164 का बयान दर्ज कराया गया उसके बाद पुलिस कार्रवाई में जुटी और पुलिस ने प्राथमिक जांच पड़ताल में मामला सत्य पा लिया है और 26 तारीख की देर रात बीजेपी विधायक राजू सिंह के मुजफ्फरपुर से लेकर पटना तक कई ठिकानों पर छापेमारी की इस दौरान पुलिस ने पारु इलाके से बीजेपी विधायक के पैतृक आवास पर छापेमारी कर दो लग्जरी वाहन और एक बंदूक भी बरामद किया है इस बात की पुष्टि मुजफ्फरपुर के एसएसपी राकेश कुमार ने की है।
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार आरोप लगाने वाले राजद के नेता तुलसी रायपुर वर्ष 1994 से लेकर अब तक कुल 20 मामले मुजफ्फरपुर और बेगूसराय में दर्ज है जिसमें अधिकतर मामला पारू थाना में ही दर्ज किया गया है। तुलसी राय के खिलाफ हत्या लूट अपहरण आंशिक के साथ-साथ उत्पाद अधिनियम के तहत भी कांड दर्ज है।
पूरे मामले पर अब मुजफ्फरपुर के बीजेपी जिलाध्यक्ष रंजन कुमार सिंह ने यह सवाल उठाया है कि जिस राजद नेता का आरोप है कि बीजेपी के विधायक ने उन्हें अपहरण किया है। उनकी छवि पूर्व से दूध से धुली हैं क्या? सत्ता संरक्षित अपराध व अपराधियों के विरोध में उठी आवाज़ को दबाने का काम कर रही है। महागठबंधन की सरकार जो तुलसी रहा है खुद हत्या लूट और अपहरण कांड को अंजाम देता रहा है। उसके अपहरण के बाद किसी मजाक से कम नहीं है। पुलिस प्रशासन भी क्या करें सत्ता के रसूखदार ओं की पैरवी के आगे किसी की नहीं चलती इसका इतिहास गवाह है शुरू से सत्ता संपोषित अपराध चल रहा है।
बिहार में और उसे भाजपा और एनडीए के साथी समाप्त करना चाहते हैं। जिसको लेकर महागठबंधन के लोगों को पेट में दर्द हो रहा है। और सत्ता का गलत उपयोग कर प्रशासन पर दबाव बनाकर जिसको मनचाहे उसको फंसा रही है ।आम जनता बिहार में बढ़ते अपराध से त्रस्त है लेकिन विपक्ष के नेताओं पर कार्रवाई वह भी जिसका अपराध से ही नाता हो उसके कहने पर यह बड़ा दुर्भाग्य है। आने वाले समय में बिहार की जनता सारे को कुकर्मों का फल दे देगी । इतना ही नहीं बीजेपी जिला अध्यक्ष रंजन कुमार सिंह ने कहा कि प्रशासन एकतरफा कार्रवाई कर रही है सचेत हो जाए अन्यथा इसके विरुद्ध जगह-जगह आंदोलन होगा। सत्ता किसी की नहीं रही है प्रशासन को इस मामले की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।