सनातनी लुक में नजर आए ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक और उनकी पत्नी, मीटिंग से ठीक पहले पहुंचे अक्षरधाम मंदिर

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 10 Sep 2023 07:45:45 AM IST

 सनातनी लुक में नजर आए ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक और उनकी पत्नी, मीटिंग से ठीक पहले पहुंचे अक्षरधाम मंदिर

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DELHI : भारत में आयोजित हो रहे जी20 सम्मेलन का आज दूसरा और आखिरी दिन है। राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में इस बार जी20 सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस बीच अब जो जानकारी निकल कर सामने आ रही है उसके मुताबिक ब्रिटेन के प्राइम मिनिस्टर ऋषि सुनक और उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति आज (10 सितंबर) दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर पहुंचे हैं। यहां  स्वामीनारायण मंदिर के मुख्य पुजारी ने दोनों का स्वागतकिया और फिर उन्हें मुख्य मंदिर में ले जाकर पूजा करवाया। 


दरअसल,  ब्रिटेन के प्राइम मिनिस्टर ऋषि सुनक और उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति ऋषि एक घंटा मंदिर में रहेंगे। इस दौरान वे मुख्य मंदिर के पीछे स्थित एक और मंदिर में जलाभिषेक भी कर सकते हैं। फिर वे वहां से निकल जाएंगे। उनकी सुरक्षा को लेकर मंदिर के अंदर और बाहर कड़े इंतजाम किए गए हैं। इससे पहले सुनक ने शनिवार 9 सितंबर को अक्षरधाम मंदिर जाने की बात कही थी।


ऋषि ने कहा था कि - मुझे हिंदू होने पर गर्व है। मैं इसी तरह पला-बढ़ा हूं और मैं ऐसा ही हूं। मैंने रक्षा बंधन मनाया था। समय न होने की वजह से मैं जन्माष्टमी नहीं मना पाया था। लेकिन उम्मीद है कि इसकी भरपाई किसी मंदिर में जाने से होगी। यह विश्वास ही है, जो हमें मजबूती देता है। उन्होंने कहा, 'मेरा पालन-पोषण भारत में ही हुई है। मैं बेंगलुरू में रहा हूं, मेरी पत्नी भी बेंगलुरू में रही है। मेरा ससुराल भी यही हैं। दिल्ली में मैं रहता था। हमने हाल ही में रक्षाबंधन का त्योहार भी मनाया है। उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों तक यहां रहूंगा तो मैं मंदिर जा सकता हूं।'


आपको बताते चलें कि, ऋषि सुनक की मंदिर यात्रा के मद्देनजर दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने उनकी यात्रा को देखते हुए मंदिर के आसपास की सुरक्षा को बढ़ा दिया है। साथ ही रास्तों पर बैरिकेंडिंग भी लगाई गई है। बता दें कि अक्षरधाम मंदिर स्वामीनारायण का मंदिर है। इस मंदिर को अक्षरधाम के नाम से जाना जाता है। यहां सनातक संस्कृति से जुड़े साहित्यों, संस्कृतियों और कलाकृतियों की मनमोहक झलक देखने को मिलती है। यह मंदिर यमुना नदी से थोड़ी ही दूरी पर बसा हुआ है।