1st Bihar Published by: Ganesh Samrat Updated Jun 24, 2020, 12:02:13 PM
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PATNA : चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता लालू प्रसाद यादव से अगर रिम्स में किसी शख्स में सबसे ज्यादा बार मुलाकात की है तो उसका नाम सुनील सिंह हैं. सुनील सिंह बुरे वक्त में भी लालू के साथ जुड़े रहे और लगातार रांची जाकर उनका हाल चाल लेते रहे. सुनील सिंह को अब इसकी वफादारी का इनाम भी मिला है. लालू यादव ने उन्हें विधानपरिषद भेजने का फैसला किया है आरजेडी सुप्रीमो के इस फैसले से सुनील कुमार सिंह गदगद है.
किसानों को भूल जाते हैं नेता
सुनील ने कहा कि कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता सहकारिता से जुड़े क्षेत्र में होगी. बिहार के किसानों की पहली आवाज बनने की कोशिश करूंगा. सुनील सिंह ने कहा कि अमूमन नेता भाषणों में किसानों की बात करते हैं. लेकिन जैसे ही कुर्सी पर बैठते हैं भूल जाते हैं. मैं पहले ही बता रहा हूं मैं दूसरा काम नहीं बल्कि एक ही काम करूंगा वह होगा सरकार के पास सहकारिता का सवाल उठाऊंगा.
23 साल से आरजेडी के लिए कर रहा काम
सुनील सिंह ने अपने विरोधियों पर तंज कसते हुए कहा कि मैं पिछले 23 साल से आरजेडी में काम करता रहा हूं. मुझे लालू प्रसाद यादव ने पहचान दी है उनके प्रति मैं शुक्रगुजार हूं जिन्होंने मुझे इस लायक समझा. बिहार में विधान परिषद से 5 आरजेडी के एमएलसी जेडीयू में शामिल हुए हैं उस पर सुनील सिंह ने कहा चुनाव के पहले यह बरसाती मेंढक की तरह अपना अस्तित्व खोकर कूदने वाले लोग हैं. वही सुनील सिंह ने कहा कि ऐसे लोगों की वजह से ही राजनीति में निष्ठा और भरोसा टूटता है. सुनील सिंह सहित तीन नए उम्मीदवारों के प्रत्याशी बनाए जाने पर सवाल पर सुनील सिंह ने कहा कि यह दल युवाओं का है.