1st Bihar Published by: Updated Feb 26, 2020, 1:33:45 PM
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PATNA : बिहार में नियोजित शिक्षकों की हड़ताल का मामला विधानसभा के बाद विधान परिषद में भी खूब गूंजा। सदन के शून्यकाल में इस मामले को सत्तापक्ष के ही सदस्यों ने उठाया। सत्तापक्ष के सदस्य सरकार से आश्वासन चाहते थे कि हड़ताल पर चल रहे शिक्षकों के साथ वार्ता की जाए हालांकि सरकार की तरफ से इस पर कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया।
बीजेपी के विधान पार्षद नवल किशोर यादव और शिक्षक संघ से जुड़े केदारनाथ पांडे में इस मामले को पुरजोर तरीके से परिषद ने उठाया नवल किशोर यादव ने कहा कि हड़ताल पर चल रहे शिक्षकों के साथ वार्ता की पहल होनी चाहिए बीजेपी एमएलसी ने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है और सरकार को पहल करते हुए डेडलॉक की स्थिति चाहिए।
वहीं केदार नाथ पांडे ने कहा कि बिहार में मैट्रिक और इंटर की परीक्षाएं शिक्षकों की हड़ताल के बीच करा ली गई लेकिन अब उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का वक्त है ऐसे में अगर शिक्षकों की हड़ताल खत्म नहीं हुई तो इसका सीधा असर छात्रों के भविष्य पर पड़ेगा।