1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 02, 2023, 12:46:00 PM
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DESK : बिहार में विपक्षी दलों की बैठक के बाद सीएम नीतीश कुमार आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर काफी एक्टिव नजर आ रहे हैं। यही वजह है कि सीएम पिछले कुछ दिनों से लगातार पार्टी के विधायकों और सांसदों से वन टू वन मुलाक़ात कर रहे है। वहीं विपक्षी दलों की बैठक और इस मुलाकात को लेकर भारतीय जनता पार्टी जवाब देना शुरू कर दी है। इसी कड़ी में लखीसराय दौरे के बाद अब गृह मंत्री अमित शाह हाल ही में भाजपा के साथ गठबंधन करने का एलान करने जीतन राम मांझी के साथ मंच साझा कर नीतीश पर हमलावर नजर आने वाले हैं।
दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार को लखनऊ में भाजपा के सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) के नेताओं और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी सहित अन्य राजनीतिक दलों के साथ मंच साझा करेंगे। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले इसे एक शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। मांझी दलित समुदाय के एक कदावर रहे हैं। जीतन राम मांझी 23 जून को पटना में विपक्षी दलों की बैठक से कुछ दिन पहले बिहार में नीतीश कुमार की सरकार से समर्थन वापस ले लिया था। इसके बाद वह लगातार भाजपा के दिग्गज नेताओं के साथ मुलाकात कर रहे हैं।
वहीं, अमित शाह के इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम और अपना दल (एस) के नेताओं के साथ मंच साझा करेंगे। अमित शाह मंच से भाजपा के सहयोगी का साथ मिलकर शक्ति का प्रदर्शन करेंगे। इस कार्यक्रम में भाजपा की अन्य प्रमुख ओबीसी सहयोगी निषाद पार्टी भी मौजूद होगी। इसके साथ ही इस कार्यक्रम में ओबीसी समुदाय से आने वाले कुछ और सहयोगियों की उपस्थिति के बारे में भी अटकलें हैं।
आपको बताते चलें कि, उत्तर प्रदेश में अपना दल (एस) को कुर्मियों का समर्थन प्राप्त है। यूपी में यादवों के बाद कुर्मी अन्य पिछड़ी जातियों में सबसे प्रभावशाली हैं। चुनाव से पहले सभी राजनीतिक दल उन्हें लुभाने की कोशिश करते हैं। दूसरी तरफ, अपना दल का प्रतिद्वंद्वी गुट अपना दल (कमेरावादी) भी इस दिन शक्ति प्रदर्शन करेगा। इसमें विपक्ष के नेता और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव मौजूद रहेंगे।