1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jan 12, 2025, 3:24:09 PM
जिला प्रशासन का एक्शन - फ़ोटो google
Prashant Kishore: 70वीं बीपीएससी परीक्षा के मुद्दे को लेकर पिछले कई दिनों से सत्याग्रह पर बैठे प्रशांत किशोर की एक और कोशिश को पटना जिला प्रशासन ने नाकाम कर दिया है। पीके की गिरफ्तार के बाद बेउर जेल प्रकरण और बिना शर्त बेल मिलने के बाद भी पीके सत्याग्रह पर हैं। पटना के मरीन ड्राइव इलाके में सत्याग्रह को लेकर पीके टेंट सिटी की निर्माण करा रहे थे लेकिन पुलिस ने बड़ा एक्शन ले लिया।
दरअसल, 70वीं बीपीएससी पीटी परीक्षा में कथित धांधली के आरोप के बाद इसको लेकर सियासत शुरू हो गई थी। परीक्षा को रद्द कराने के लिए एक तरफ जहां बीपीएससी अभ्यर्थी हंगामा कर रहे थे तो वहीं दूसरी तरह विपक्षी दल इसे मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे थे। इसी बीच छात्रों के मुद्दे को लेकर जन सुराज के संरक्षक प्रशांत किशोर ने सत्याग्रह करने का एलान कर दिया और पटना के गांधी मैदान में बिना जिला प्रशासन की अनुमति के आमरण अनशन पर बैठ गए।
जिला प्रशासन द्वारा कई बार नोटिस दिए जाने के बाद जब पीके ने इसका संज्ञान नहीं लिया तो जिला प्रशासन के आदेश पर पटना पुलिस ने प्रशांत किशोर को गांधी मैदान से गिरफ्तार कर लिया। पीके को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उन्हें कोर्ट में पेश किया और पेशी के बाद कोर्ट ने शर्तों के साथ उन्हें बेल दे दी लेकिन पीके ने कोर्ट की शर्तों को मानने से इनकार कर दिया और बेल लेने से मना कर दिया, जिसके बाद हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ और आखिरकार कोर्ट ने बिना शर्त पीके को जमानत दे दी।
इस बीच प्रशांत किशोर ने अपना सत्याग्रह जारी रखा और अब वह पटना के मरीन ड्राइव इलाके में बड़े पैमाने पर सत्याग्रह करने की तैयारी कर रहे थे। इसके लिए मरीन ड्राइव के पास खाली जमीन में पीके की तरफ से टेंट सिटी का निर्माण कराया जा रहा था लेकिन जिला प्रशासन ने उसे अवैध करार देते हुए टेंट सिटी के निर्माण को रोक दिया है। आरोप है कि टेंट सिटी बनाने के लिए किसी तरह की कोई अनुमति नहीं ली गई है। अब पीके आगे क्या करते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा।