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रंगेहाथ धरा गए गामा चा: रात के अंधेरे में लड़की के साथ पकड़े गए JDU नेता, वीडियो हो गया वायरल

Bihar Politics: सारण के मढ़ौरा क्षेत्र से जेडीयू प्रखंड अध्यक्ष बलिराम सिंह का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में एक युवती घबराकर भागती दिख रही है। नेता ने खुद को निर्दोष बताया और इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। प्रशासन की जांच जारी है।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Apr 05, 2026, 1:33:24 PM

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- फ़ोटो Social media

Bihar Politics: बिहार के सारण जिले के मढ़ौरा क्षेत्र से जदयू नेता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल फुटेज में एक युवती घबराकर भागती हुई नजर आ रही है, जबकि एक व्यक्ति भी तेजी से वहां से निकलने की कोशिश करता दिख रहा है। 


वीडियो बनाने वाले युवकों का दावा है कि यह व्यक्ति जदयू के प्रखंड अध्यक्ष बलिराम सिंह उर्फ गामा सिंह हैं और वे युवती के साथ आपत्तिजनक स्थिति में थे। पकड़े जाने के डर से दोनों वहां से भागने लगे। बताया जा रहा है कि यह वीडियो शनिवार रात का है।


वीडियो में देखा जा सकता है कि खेत में एक लड़की नेता के पीछे भाग रही है, जबकि कुछ युवक उनका पीछा करते हैं। अचानक युवक रुकते हुए कहते हैं, “अरे गामा चाचा हैं।” इसी दौरान युवती अपना चेहरा ढकने लगती है। जब युवक उसका दुपट्टा हटाने की कोशिश करते हैं, तो वह चप्पल से मारने लगती है और वीडियो बनाने से मना करती है। इसके बाद नेता युवती को अपने साथ लेकर वहां से चले जाते हैं।


हालांकि, इस पूरे मामले पर जदयू प्रखंड अध्यक्ष बलिराम सिंह ने खुद को निर्दोष बताते हुए इसे साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि वे खेत से गेहूं की कटाई कर लौट रहे थे, तभी एक घबराई हुई लड़की उनके पास आई। उसी समय कुछ युवकों ने वीडियो बनाना शुरू कर दिया। उन्होंने दावा किया कि बाद में वे लड़की को सड़क तक छोड़ आए, जहां से वह टेंपो से चली गई।


बलिराम सिंह ने आरोप लगाया कि उनके राजनीतिक विरोधी उन्हें बदनाम करने के लिए इस तरह की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिना सच्चाई की जांच किए वीडियो वायरल कर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी घटना पर प्रतिक्रिया देने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें।


फिलहाल, यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में वीडियो की सत्यता और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। फर्स्ट बिहार-झारखंड सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।